लक्ष्मी नारायण मंदिर में कथक की गूंज

By Prabhat Khabar Digital Desk
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फोटो- सुनील भैया 15 अगस्त से शुरू कथक कार्यशाला का 22 को होगा समापनलाइफ रिपोर्टर @ रांचीअपर बाजार स्थित लक्ष्मी-नारायण मंदिर. यहां इन दिनों रोजाना घुंघरू की झंकार और कथक के बोल सुनाई दे रहे हैं. यह धुन और झंकार यहां कथक सीख रही लड़कियों की है. 15 अगस्त से शुरू कथक कार्यशाला में अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कथक नृत्यांगना शिखा खरे कथक की बारीकियां सीखा रही हैं. यहां चार साल से अधिक की उम्र की 75 लड़कियां कथक की मुद्राएं सीख रही हैं. कार्यशाला का समापन 22 अगस्त को होगा. कौन हैं शिखा खरेशिखा खरे प्रसिद्ध कथक नृत्यांगना और पंडित बिरजू महाराज की शिष्या हैं. वह दिल्ली में रहती हैं. इस वर्ष भी रांची में आयोजित कथक कार्यशाला के जरिये यहां की लड़कियों को कथक की शिक्षा देने आयी हैं. कार्यशाला संस्कार भारती की ओर से आयोजित की गयी है. शिखा कहती हैं कि कथक एक ऐसी विद्या है, जिसके जरिये हम गुरु-शिष्य की परंपरा को जीवित रख सकते हैं. यहां की लड़कियां बहुत ही हुनरमंद हैं.उत्साहित हैं लड़कियांसीनियर और जूनियर दो ग्रुप में चल रही इस कार्यशाला में स्कूली बच्चों के साथ कुछ शिक्षिकाएं भी शामिल हैं. यहां आने वाली लड़कियां उत्साह से कथक की बारीकियां सीख रही हैं. बच्चियां कहती हैं कि वह शिखा मैडम से कथक सीख कर बहुत खुश हैं. कुछ ऐसी भी लड़कियां शामिल हैं, जो पिछले साल भी शिखा खरे से कथक की शिक्षा हासिल कर चुकी हैं.क्या कहती हैं मैं लॉरेंटो स्कूल में कक्षा पांच की छात्रा हूं. कथक की कार्यशाला में हिस्सा लेकर बहुत अच्छा लग रहा है. रोजाना यहां नए-नए मूवमेंट सिखाये जा रहे हैं. स्निग्धा प्रिंसी मुझे कथक बहुत पसंद है. यह एक ऐसी विद्या है, जिसे सीख जाने के बाद किसी भी तरह के डांस को फॉलो कर सकती हूं. मेम बहुत अच्छे ढंग से सिखाती हैं. ऋतिका बिशप वेस्टकॉट नामकुम में कक्षा छह में पढ़ती हूं. ग्रुप में और शिखा मेम से कथक जानने की बात ही कुछ और है. बहुत आनंद आ रहा है. कई स्टेप सीख चुकी हूं. प्रतिष्ठा रोजाना हमलोगों को कई सारी मुद्रायें सिखायी जा रही है. शिखा मेम बहुत अच्छे से सिखाती हैं. पहले भी मैं इनसे शिक्षा ले चुकी हूं. सुजिता बरदेवा
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