श्रमिक-मालिक संबंधांे मंे भारत की स्थिति बदतर

By Prabhat Khabar Digital Desk
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मॉर्गन स्टेनली ने जारी की ताजा रिपोर्टएजेंसियां, मुंबईकर्मचारी-नियोक्ता रिश्तांे के मामले मंे भारत की स्थिति काफी खराब है. मॉर्गन स्टेनली की एक रिपोर्ट के अनुसार श्रमिक-मालिक संबंधांे के मामले मंे भारत सूची मंे 61वेंे स्थान पर है. इस मामले मंे भारत, मेक्सिको, थाइलैंड और फिलीपींस जैसे देशांे से भी पीछे है. 'भारत के श्रम बाजार को क्या रोक रहा है' शीर्षक वाली रिपोर्ट मंे कहा गया है कि श्रमिक-नियोक्ता के बीच सहयोग के मामले मंे भारत 61वें स्थान पर है. सूची मंे मेक्सिको 44वें, थाइलैंड 37वेंे तथा फिलिपींस 34वें स्थान पर है.चीन भी बहुत आगे नहीं इस मामले मंे चीन की स्थिति भारत से कुछ ही बेहतर है. सूची मंे चीन 60वेंे स्थान पर है. रिपोर्ट मंे कहा गया है कि उत्पादक रोजगार सृजन के मामले मंे भारत की स्थिति सुस्त है. इसमंे कहा गया है, 'देश मंे उत्पादक क्षेत्र रोजगार के सृजन के मामले मंे सबसे बड़ी अड़चन श्रम बाजार के नियमन हैं. इसके अलावा अन्य कारक मसलन कमजोर ढांचा आदि भी इसकी वजहांे मंे हैं.' सबसे बड़ा मुद्दारिपोर्ट मंे कहा गया है कि भारत मंे श्रम बाजार मंे सबसे बड़ा मुद्दा है कर्मचारियांे को निकालने मंे लचीलेपन का अभाव. यदि किसी नियोक्ता ने 100 से अधिक कर्मचारियांे की नियुक्ति की है, तो उसे कर्मचारी को निकालने के लिए इसे अधिसूचित करना होगा और संबंधित सरकारी प्रशासन की अनुमति लेनी होगी. रिपोर्ट के अनुसार अन्य देशांे मंे इस तरह की कड़ी शर्तें नहीं हैंं. सिर्फ पाकिस्तान व श्रीलंका मंे इस तरह की शर्तें हैं.क्या हैं हालात इसमंे बताया गया है कि नौकरी पर रखने व छंटनी के बारे मंे विश्व बैंक के इंडेक्स मंे बांग्लादेश 25वें, चीन 28वंे और पाकिस्तान 35वें स्थान पर है. भारत इस मामले मंे 52वें स्थान पर है. कुल 148 देशों मंे श्रम बाजार दक्षता सूची मंे भारत 99वें स्थान पर है. इस मामले मंे चीन 34वेंे, ब्राजील 92वें और फिलीपींस 99वेंे स्थान पर है.
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