रांची : आवश्यकता से अधिक शिक्षक भेजा, तो बिना पद की प्रतिनियुक्ति

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रांची : मारवाड़ी प्लस टू उच्च विद्यालय में भूगोल के एक पद पर दो शिक्षक कार्यरत हैं. दिसंबर में प्लस टू उच्च विद्यालय में शिक्षकों की नियुक्ति हुई थी. माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने रांची में पदस्थापन के लिए 20 प्लस टू शिक्षकों का नाम भेजा, जबकि रांची जिला के प्लस टू विद्यालयों में भूगोल के […]

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रांची : मारवाड़ी प्लस टू उच्च विद्यालय में भूगोल के एक पद पर दो शिक्षक कार्यरत हैं. दिसंबर में प्लस टू उच्च विद्यालय में शिक्षकों की नियुक्ति हुई थी. माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने रांची में पदस्थापन के लिए 20 प्लस टू शिक्षकों का नाम भेजा, जबकि रांची जिला के प्लस टू विद्यालयों में भूगोल के 17 शिक्षक के पद ही रिक्त थे. जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय ने विभागीय निर्देश के अनुरूप तत्काल सभी नवनियुक्त शिक्षकों को प्रतिनियुक्त तो कर दिया, पर बाद में भूगोल के तीन शिक्षकों की सेवा निदेशालय को लौटा दी.

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जिन तीन शिक्षकों की सेवा माध्यमिक शिक्षा निदेशालय को लौटायी गयी- उनमें एक शिक्षक सुप्रिया नूपुर एक्का भी थीं. जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय ने अपने पूर्व के निर्णय में संशोधन करते हुए सुप्रिया नूपुर एक्का की सेवा जिला में रखने व उनकी जगह एक पुरुष शिक्षक की सेवा वापस करने का पत्र निदेशालय को भेजा. ऐसे में एक शिक्षक की सेवा निदेशालय को वापस होनी चाहिए थी, पर ऐसा नहीं हुआ.
अपनी सेवा को लेकर परेशान हैं सुप्रिया
जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय की लापरवाही के कारण दोनों शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति जिला में बनी रही. जब शिक्षकों के पदस्थापन की प्रक्रिया शुरू हुई, तो सुप्रिया की जगह उस शिक्षक का पदस्थापन कर दिया गया, जिसकी सेवा बाद में निदेशालय को वापस कर दी गयी थी.
अब सुप्रिया नूपुर एक्का बिना पद के मारवाड़ी विद्यालय में प्रतिनियुक्त हैं. सुप्रिया नूपुर एक्का ने बताया कि उसे उसकी सेवा निदेशालय भेजे जाने की भी जानकारी नहीं दी गयी. नवनियुक्त शिक्षकों के पदस्थापन को लेकर जब प्रक्रिया शुरू की गयी, तो सुप्रिया नूपुर एक्का को बताया गया उनका नाम पोस्टिंग लिस्ट में शामिल नहीं है. अब वह अपनी सेवा को लेकर परेशान हैं.
पोस्टिंग में महिला शिक्षक को देनी है प्राथमिकता
प्लस टू शिक्षकों की पोस्टिंग में गृह जिला के चयन में महिला को प्राथमिकता देनी है. पदस्थापन की प्रक्रिया में इसका भी पालन नहीं किया गया. महिला शिक्षक की जगह पुरुष शिक्षक का पदस्थापन गृह जिला में कर दिया गया. उन्होंने पदाधिकारी को भी इससे अवगत कराया. सुप्रिया ने बताया कि पूर्व में वह जमशेदपुर में हाइस्कूल में कार्यरत थी. गृह जिला में पदस्थापन के अवसर के कारण ही उन्होंने प्लस टू विद्यालय में योगदान दिया.
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