रांची : 17 को राजभवन के समक्ष धरना देंगे किसान संगठन
Updated at : 29 Oct 2018 9:12 AM (IST)
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रांची : झारखंड को अकाल क्षेत्र घोषित करने, कृषि ऋण माफ करने, गैरमजरुआ जमीन का मालिकाना हक किसानों को देने आदि मांगों को लेकर किसान संगठन 17 नवंबर को राजभवन के सामने धरना देंगे. इसमें राज्य भर के 20 किसान संगठनों की भागीदारी होगी. धरना के बाद राज्यपाल को ज्ञापन दिया जायेगा. इसकी तैयारी के […]
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रांची : झारखंड को अकाल क्षेत्र घोषित करने, कृषि ऋण माफ करने, गैरमजरुआ जमीन का मालिकाना हक किसानों को देने आदि मांगों को लेकर किसान संगठन 17 नवंबर को राजभवन के सामने धरना देंगे. इसमें राज्य भर के 20 किसान संगठनों की भागीदारी होगी.
धरना के बाद राज्यपाल को ज्ञापन दिया जायेगा. इसकी तैयारी के लिए भाकपा कार्यालय में पूरण महतो की अध्यक्षता में बैठक हुई. इसमें महेंद्र पाठक, हीरा गोप, भुवनेश्वर केवट, अजय सिंह, सुफल महतो, प्रफुल्ल लिंडा, राजेंद्र गोप, सुरेश यादव, सोनेलाल हेमरोम आदि ने हिस्सा लिया.
रांची : कोल इंडिया अधिकारियों के नये वेतन पुनरीक्षण में एलएलटीसी (लांग लीव ट्रैवल कंशेसन) और एलटीसी (लीव ट्रैवल कंशेसन) पर्क्स का हिस्सा हो गया है. अब अधिकारी इसको अपने पर्क्स में मिलनेवाली राशि से ही एडजस्ट कर सकेंगे.
अधिकारियों को पर्क्स के रूप में बेसिक का 35 फीसदी दिया जाता है. पूर्व के वेतन पुनरीक्षण में इसको सुविधा (पर्क्स ) का हिस्सा नहीं माना गया था. इसके एवज में प्रतिमाह बेसिक से करीब 3.5 फीसदी राशि काटी जाती थी. कोल माइंस ऑफिसर्स एसोसिएशन ने इसके प्रारूप को लेकर विरोध किया है.
कोल इंडिया के अधिकारियों को चार साल में देश या विदेश में कहीं परिवार सहित भी घूमने का पैसा मिलता है. इसी तरह हर साल एक बार अपने मूल आवास जाने का पैसा मिलता है. अधिकारी एसोसिएशन का कहना है कि चूंकि कई अधिकारी यह लाभ नहीं लेते थे, इस कारण इसको पर्क्स में शामिल करने की मांग भी की गयी थी. इससे वैसे अधिकारी जो इसका लाभ नहीं लेते थे, उनको फायदा होगा. कोल इंडिया को भी करोड़ों रुपये की बचत होगी. एसोसिएशन यह सुविधा ऑप्शनल चाहता था.
15 नवंबर के बाद होगी एसोसिएशन की बैठक
कोल माइंस ऑफिसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया की बैठक 15 नवंबर के बाद होगी. इसमें कोयला मंत्रालय और कोल इंडिया के समक्ष लंबित अधिकारों की मांगों पर विचार किया जायेगा. अधिकारियों ने वेतन पुनरीक्षण के बाद हुई विसंगति को मुद्दा बनाया है. अधिकारी प्रोमोशन और कई अन्य मांगों को लेकर आंदोलन कर कर रहे हैं. अधिकारियों को सशर्त प्रोमोशन दिया जा सकता है. प्रोमोशन कोर्ट के आदेश से प्रभावित होगा.
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