गांधी के 150 साल : गांधी के दर्शन को पहुंचाने की झारखंड की है यह योजना

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 06 Oct 2018 4:27 PM

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रांची : झारखंड में महात्मा गांधीके 150वें जयंती वर्ष समारोह में पूरे प्रदेश की भागीदारी सुनिश्चित की जायेगी. गांधी के दर्शन के अनुरूप गांव के युवाओं और महिलाओं को इस अभियान से जोड़ा जायेगा. इसके लिए विश्वविद्यालय के छात्रों को गांवों में भेजने की सलाह राज्यपाल ने राज्य सरकार को दी है. बापू के 150वें […]

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रांची : झारखंड में महात्मा गांधीके 150वें जयंती वर्ष समारोह में पूरे प्रदेश की भागीदारी सुनिश्चित की जायेगी. गांधी के दर्शन के अनुरूप गांव के युवाओं और महिलाओं को इस अभियान से जोड़ा जायेगा. इसके लिए विश्वविद्यालय के छात्रों को गांवों में भेजने की सलाह राज्यपाल ने राज्य सरकार को दी है.

बापू के 150वें जयंती वर्ष समारोह के आयोजन की रूपरेखा तय करने के संबंध में आयोजित बैठक को संबोधित करते हुए शनिवार को राज्यपाल श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि समारोह को धूमधाम से मनाना है. इसमें हर किसी की भागीदारी सुनिश्चित करनी है. सालभर के आयोजन से गांधी जी के विचार और दर्शन को नयी पीढ़ी तक पहुंचाने में मदद मिलेगी.

उन्होंने कहा कि झारखंड के परिप्रेक्ष्य में महात्मा गांधी के जीवन का क्या महत्व है, इस पर काम करने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी ने गांवों को विशेष महत्व दिया. हमें भी युवा पीढ़ी को जागरूक करना है. स्कूली बच्चों को इस आयोजन से जोड़ना चाहिए. बापू से संबंधित आर्ट, सेमिनार, वर्कशॉप आदि का आयोजन सालभर होता रहे. पदयात्रा, प्रभातफेरी, स्लोगन लेखन आदि को भी बढ़ावा देना चाहिए.

राज्यपाल ने कहा कि गांवों में गांधी के दर्शन व चिंतन का व्यापक प्रचार-प्रसार करना होगा. महिलाओं को भी गांधी के दर्शन से जोड़ने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि राष्ट्रपिता गांधी ने कहा था कि भारत की आत्मा ग्रामों में बसती है. ग्रामों की स्थिति में सुधार लाकर राष्ट्र की उन्नति की दिशा में अहम प्रयास कर सकते हैं.

इस परिप्रेक्ष्य में विश्वविद्यालय/महाविद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थी ग्रामों में जायें और वहां जन-कल्याण में संचालित सरकारी योजनाओं के लिए जागरूकता कार्यक्रम चलायें.

इस अवसर पर मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि राज्यपाल की अध्यक्षता में गठित कमेटी की बैठक में सभी राजनीतिक दलों, गांधीवादी विचारधारा के लोगों, सामाजिक संस्थाओं, धर्मगुरुओं समेत अन्य लोगों की जल्द मुख्य बैठक होगी. इसमें सभी से सुझाव लिये जायेंगे. बैठक में एक वर्किंग कमेटी का गठन किया जायेगा, जो लगातार बैठकें कर आयोजन की रूपरेखा और उसके क्रियान्वयन की व्यवस्था करेगी.

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2 मई, 2018 को राष्ट्रपति की अध्यक्षता में एक बैठक हुई थी, जिसमें विभिन्न राजनीतिक दलों तथा देश के गांधीवादी विचारधारा से जुड़े लोग शामिल हुए थे. वहां कई सुझाव आये थे. मुख्यमंत्री ने आज की बैठक में उसके बारे में भी जानकारी दी. उन्होंने कहा कि झारखंड में कार्यक्रम की रूपरेखा ऐसी होगी कि नयी पीढ़ी को महात्मा गांधी के विचारों और उनके योगदान को सही अर्थों में समझने और जानने का अवसर मिल सके. अधिक से अधिक युवाओं को जोड़ना हमारा उद्देश्य होना चाहिए.

बैठक में विधानसभा अध्यक्ष दिनेश उरांव ने सुझाव दिया कि इसमें ग्राम प्रधानों को भी जोड़ें. सांसद रामटहल चौधरी, महेश पोद्दार, खादी बोर्ड के अध्यक्ष संजय सेठ, रांची विश्वविद्यालय के कुलपति रमेश चंद्र, रामकृष्ण मिशन के भवेशानंद, चैंबर के अध्यक्ष दीपक मारू, रांची विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ रमेश कुमार पांडेय, बिरसा कृषि विश्वविद्यालय के पी कौशल, रांची विश्वविद्यालय के दर्शन शास्त्र विभाग के प्रो सरस्वती मिश्रा ने भी अपने सुझाव दिये.

बैठक में मुख्य सचिव सुधीर त्रिपाठी, राज्यपाल के प्रधान सचिव नितिन मदन कुलकर्णी, गृह विभाग के प्रधान सचिव एसकेजी रहाटे, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ सुनील कुमार वर्णवाल, पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन एवं पुलिस मुख्यालय के महानिदेशक पीआरके नायडू, नगर विकास सचिव अजय कुमार सिंह, कला संस्कृति विभाग के सचिव राहुल शर्मा, पर्यटन निदेशक संजीव बेसरा समेत अन्य अधिकारी उपस्थित थे.

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