सीएम रघुवर दास को दी गलत जानकारी, बिफरे सुखदेव सिंह, हटाये गये सचिव, जानें क्‍या है पूरा मामला

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 04 Oct 2018 7:41 AM

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रांची : झारखंड स्थापना दिवस समारोह के लिए बुलायी गयी समीक्षा बैठक में बुधवार काे हंगामा हुआ. मुख्यमंत्री रघुवर दास समीक्षा कर रहे थे. उन्हाेंने कला संस्कृति सचिव मनीष रंजन से जानकारी मांगी. इस पर सचिव ने मुख्यमंत्री से कहा : कैलाश खेर काे स्थापना दिवस में बुलाने संबंधी फाइल कई बार वित्त विभाग में […]

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रांची : झारखंड स्थापना दिवस समारोह के लिए बुलायी गयी समीक्षा बैठक में बुधवार काे हंगामा हुआ. मुख्यमंत्री रघुवर दास समीक्षा कर रहे थे. उन्हाेंने कला संस्कृति सचिव मनीष रंजन से जानकारी मांगी. इस पर सचिव ने मुख्यमंत्री से कहा : कैलाश खेर काे स्थापना दिवस में बुलाने संबंधी फाइल कई बार वित्त विभाग में भेजी गयी, पर विभाग ने इसे लाैटा दिया है. इससे परेशानी हाे रही है.
इसके बाद अपर मुख्य सचिव (वित्त) सुखदेव सिंह काे बुलाया गया. जब उन्हें आराेपाें की सूचना मिली, ताे वे बिफर पड़े. अन्य वरीय अधिकारियाें के समझाने पर वह शांत हुए. इस विवाद को मुख्यमंत्री रघुवर दास ने गंभीरता से लिया. बैठक के बाद सीएम ने मनीष रंजन को कला संस्कृति सचिव के पद से हटा कर एटीआइ में पदस्थापित करने का निर्देश दिया. इस आदेश के आलोक में कार्मिक विभाग ने देर शाम आदेश जारी कर दिया.
एक घंटा देर से शुरू हुई बैठक : मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में दोपहर एक बजे स्थापना दिवस समारोह की तैयारी के मुद्दे पर बैठक आयोजित की गयी थी. बैठक एक घंटे देर से शुरू हुई. कैबिनेट से जुड़ी फाइलों को निबटाने में देर होने की वजह से सुखदेव सिंह बैठक के प्रारंभिक दौर में शामिल नहीं हो सके थे. बैठक में मुख्यमंत्री काे कला संस्कृति सचिव मनीष रंजन ने बताया कि स्थापना दिवस समारोह में कैलाश खेर को बुलाने से संबंधित फाइल कई बार वित्त विभाग को भेजी गयी. पर वित्त विभाग ने इसे क्लियर नहीं किया है. इससे परेशानी हो रही है.
मुख्यमंत्री ने सुखदेव सिंह को बुलाया : इसकी जानकारी मिलने के बाद मुख्यमंत्री ने सुखदेव सिंह को बुलाया. बैठक में पहुंचने के बाद जब उन्हें अपने ऊपर लगाये गये आरोपों की जानकारी मिली, तो वह बिफर पड़े. उन्होंने कहा कि कैलाश खेर के सिलसिले में जो फाइल उनके पास भेजी गयी थी, उसमें कैलाश खेर को गाना गाने के लिए बुलाने के साथ ही राज्य के लिए एक गाना बनाने का प्रस्ताव था. इस काम के लिए कैलाश खेर को कुल तीन करोड़ रुपये देने का प्रस्ताव था.
50 लाख रुपये एक घंटे के लिए गाना गाने का और 2.50 करोड़ पांच मिनट का एक गाना लिखने का. यह काम कैलाश खेर को नोमिनेशन पर देने की बात थी. फाइल में लिखे इन तथ्यों के मद्देनजर यह सवाल उठाया गया था कि गाना लिखने के लिए 2.5 करोड़ किस आधार पर दिया जायेगा. फाइल पर आपत्ति करने के बाद उसे लौटाया गया. साथ ही फोन कर कला संस्कृति सचिव को इसकी जानकारी दी गयी और आपत्तियों का निराकरण करने को कहा गया. यह फाइल दूसरी बार आज वित्त विभाग में मिली है. ऐसे में कोई भी आरोप लगा देगा, यह सही नहीं है. अपर मुख्य सचिव का जवाब सुन और उनकी नाराजगी देख कर सब सन्न रह गये. बैठक में उपस्थित वरीय अधिकारियों ने उन्हें शांत कराया.
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