विद्युत उपभोक्ताओं को नवंबर से सिक्युरिटी मनी पर मिलेगा ब्याज
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 22 Jul 2018 2:39 AM
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रांची : नवंबर 2018 से बिजली उपभोक्ताओं को उनके द्वारा जमा किये गये सिक्युरिटी डिपोजिट पर ब्याज मिलने लगेगा. शनिवार को चेंबर भवन में रांची डिस्ट्रिक्ट कंज्यूमर्स एडवाइजरी कमेटी ऑन पावर के सदस्यों की बैठक में यह जानकारी दी गयी. बैठक में झारखंड राज्य बिजली वितरण निगम लिमिटेड के पदाधिकारियों के साथ रांची जिले में […]
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रांची : नवंबर 2018 से बिजली उपभोक्ताओं को उनके द्वारा जमा किये गये सिक्युरिटी डिपोजिट पर ब्याज मिलने लगेगा. शनिवार को चेंबर भवन में रांची डिस्ट्रिक्ट कंज्यूमर्स एडवाइजरी कमेटी ऑन पावर के सदस्यों की बैठक में यह जानकारी दी गयी. बैठक में झारखंड राज्य बिजली वितरण निगम लिमिटेड के पदाधिकारियों के साथ रांची जिले में वर्तमान में पावर की स्थिति, पावर कट तथा उसमें सुधार पर विस्तृत चर्चा हुई. चर्चा के बाद यह तय हुआ कि चूंकि वितरण निगम लिमिटेड को जून 2018 को सॉफ्टवेयर प्राप्त हो गया है.
सॉफ्टवेयर में घरेलू एवं वाणिज्यिक उपभोक्ताओं द्वारा जमा की गयी सिक्युरिटी राशि को फिड करने का कार्य चल रहा है. इसमें दो माह का समय लगेगा. अत: बिजली वितरण निगम लिमिटेड अब औद्योगिक उपभोक्ताओं के अतिरिक्त घरेलू एवं वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को भी उनके द्वारा जमा की गयी सिक्युरिटी राशि पर ब्याज का भुगतान नवंबर 2018 से उनके बिजली बिल के द्वारा कर दिया जायेगा.
बैठक में कहा गया कि दिसंबर तक ओवरहेड वायर को एबीसी केबल में बदल दिया जायेगा. इसके बाद लाइन ट्रिप होने की समस्या कम हो जायेगी. यह भी कहा गया कि 33/11 केवी सब स्टेशनों के द्वारा एक दूसरे से जोड़ने पर किसी एक सब स्टेशन में एक लाइन में खराबी होने पर तत्काल दूसरी लाइन से पावर लिया जा सकेगा. इससे पावर कट में काफी कमी आयेगी. कुसई सब स्टेशन से मेकॉन सब स्टेशन में इंटर कनेक्शन का कार्य पूर्ण हो गया है एवं अन्य सब स्टेशनों में कार्य चल रहा है. एजेंसी को कार्य में तेजी लाने को कहा गया है.
बिल मिलते ही कर सकेंगे भुगतान : बैठक में कहा गया कि अगले माह से उपभोक्ता बिजली बिल का भुगतान बिल मिलते ही तत्काल कर सकेंगे. ऊर्जा मित्र को पॉस मशीन दी जा रही है. ऊर्जा मित्र उसी समय रसीद भी दे देंगे. अभियंताओं द्वारा मोबाइल न उठाने की समस्या पर रांची के जीएम ने उसी समय सभी अभियंताओं को हर हाल में मोबाइल अटेंड करने का निर्देश दिया. इस कार्य की मॉनिटरिंग के लिए यह भी तय हुआ कि महाप्रबंधक एवं अधीक्षण अभियंता अपने–अपने स्तर पर एक व्हाट्सएप ग्रुप बनायें, जिसमें जिले में कार्यरत अभियंता, सहायक अभियंता एवं कनीय अभियंता को शामिल करें.
जो कि विद्युत संचरण से संबंधित सभी समस्याओं की सूचना देंगे. बैठक में विद्युत विभाग के जीएम, एसइ, इइ समेत रांची डिस्ट्रिक्ट एडवाइजरी कमेटी ऑन पावर के एनके पाटोदिया, विनोद अग्रवाल, महेंद्र जैन, सुभाष प्रसाद सिंह, शशांक भारद्वाज, सुभाशीष चटर्जी, माधुरी, शैलेश मिश्रा, अंजनी कुमार सिन्हा एवं किशन अग्रवाल आदि उपस्थित थे.
बनाये जा रहे 10 सब स्टेशन : वितरण निगम के अधिकारियों ने बताया कि लो वोल्टेज एवं बार-बार पावर कट की समस्या के समाधान के लिए प्रयास किये जा रहे हैं. शहर में 33/11केवी नये सब स्टेशन का निर्माण डीपीएस स्कूल, सदाबहार चौक, साइंस सिटी एवं पंडरा में हो चुका है एवं इनको इसी माह ऑपरेशन में ले लिया जायेगा.
इसके अलावा हटिया, सुतियांबे, कुसई, एचएमटीपी धुर्वा, होचर, कुजू (ओरमांझी) में काम चल रहा है, जिसके सितंबर 2018 से अक्तूबर 2018 में पूर्ण होने की संभावना है. इन सब स्टेशनों के चालू होने के बाद शहर में लो–वोल्टेज की समस्या समाप्त हो जायेगी. पावर कट की समस्या में भी कमी आयेगी.
पीजीसीआइएल लाइन ब्रेकडाउन मामले की जांच के लिए कमेटी गठित
रांची : 20 जुलाई को हटिया ग्रिड के समीप पीजीसीआइएल की लाइन बाधित होने के मामले की जांच के लिए कमेटी गठित की गयी है. झारखंड बिजली वितरण निगम के एमडी राहुल पुरवार ने तीन सदस्यीय कमेटी गठित की है. कमेटी में मुख्य अभियंता (एसएंडडी) एचके झा, अधीक्षण अभियंता ऋषि नंदन व सुधांशु कुमार हैं. कमेटी को अगले हफ्ते रिपोर्ट देने को कहा गया है.
क्या है मामला : गौरतलब है कि गत शुक्रवार को रांची में विद्युत सुदृढ़ीकरण का काम रही एजेंसी पॉलिकैब की एक गलती से रांची समेत आठ जिलों में बिजली आपूर्ति 10 घंटे तक बंद हो गयी. पीजीसीआइएल के नामकुम ग्रिड से कहलगांव-चांडिल 220 केवी सेंट्रल सेक्टर लाइन नामकुम-2 व हटिया -2 ब्रेकडाउन हो गया था.
होतेडीह में 220 केवी लाइन के नीचे 11 केवी लाइन की दूरी पर्याप्त नहीं थी. इस कारण अर्थ अाने से 11 केवी लाइन से 220 केवी लाइन सट गयी और रांची समेत खूंटी, लोहरदगा, गुमला, सिमडेगा, लातेहार, पलामू और गढ़वा में बिजली आपूर्ति 10 घंटे तक बाधित हो गयी थी.
रांची : मुख्यमंत्री रघुवर दास द्वारा दिये गये डेडलाइन को ग्रामीण विद्युतीकरण का काम कर रही एजेंसी आइएलएंडएफएस ने पूरा नहीं किया. मामले को लेकर ऊर्जा सचिव सह सीएमडी नितिन मदन कुलकर्णी ने नाराजगी जतायी है. उन्होंने झारखंड बिजली वितरण निगम के एमडी राहुल पुरवार को बफशीट जारी कर एजेंसी आइएलएंडएफएस पर तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया है.
क्या है मामला : नौ जुलाई को मुख्यमंत्री रघुवर दास की अध्यक्षता में दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण विद्युतीकरण योजना की समीक्षा बैठक की गयी थी. साहेबगंज जिले की समीक्षा के दौरान कहा गया कि 89 गांवों में से सात गांवों में विद्युतीकरण का काम पूरा किया गया है. मुख्यमंत्री ने 15 जुलाई तक कंपनी को कम से कम 31 गांवों को विद्युतीकृत करने का डेडलाइन दिया था.
इस पर आइएलएंडएफएस के अधिकारियों ने इस पर सहमति जतायी थी. लेकिन 15 जुलाई तक कंपनी द्वारा 31 की जगह केवल 13 गांवों का विद्युतीकरण किया गया. इसी तरह पाकुड़ में भी इसी एजेंसी द्वारा विद्युतीकरण किया जा रहा है. पाकुड़ में कहा गया कि 31 गांवों में दो गांवों में विद्युतीकरण कार्य पूरा कर लिया गया है. मुख्यमंत्री द्वारा कंपनी को 15 जुलाई तक 13, फिर 31 जुलाई तक 13 और 10 अगस्त तक तीन गांव के लिए डेडलाइन दिये गये थे. पर कंपनी द्वारा 15 जुलाई तक केवल चार गांवों का विद्युतीकरण किया गया.
सीएम के सामने झूठ बोला गया
सीएमडी ने बफशीट में लिखा है कि कंपनी द्वारा मुख्यमंत्री के समक्ष भी झूठ बोला गया. ऐसी स्थिति में कंपनी पर तत्काल कड़ी कार्रवाई किया जाना चाहिए. उन्होंने कार्रवाई संबंधी रिपोर्ट भी मांगी है. गौरतलब है कि पूर्व में भी ऊर्जा सचिव सह सीएमडी ने आइएलएंडएफएस की बैंक गारंटी जब्त करने और काम पूरा करने तक किसी भी तरह का भुगतान नहीं करने का आदेश दे चुके हैं.
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