ऑनलाइन म्यूटेशन और लगान रसीद जारी करने में गड़बड़ी

By Prabhat Khabar Digital Desk
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रांची : राजस्व, निबंधन और भू-सुधार विभाग ने सभी जिलों के उपायुक्तों को रैयती भूमि से संबंधित जमाबंदियों में अॉनलाइन म्यूटेशन तथा अॉनलाइन लगान रसीद जारी करने में आ रही समस्याअों के निराकरण के संबंध में 30 अक्तूबर को पत्र लिखा था. इधर, इस मामले में अपेक्षित सुधार अब तक नहीं आया है.
संबंधित पत्र में उपायुक्तों का ध्यान रैयती भूमि से संबंधित खतियान तथा पंजी-2 की डाटा इंट्री में विभाग के संज्ञान में अायी त्रुटियों की अोर दिलाया गया था. वहीं, यह निर्देश दिया गया था कि सभी अंचलों में एक अभियान चला कर पंजी-2 की त्रुटियों की पहचान एक सप्ताह के अंदर कर लें.
पंजी-2 में गलत इंट्री करने वाले राजस्व कर्मचारी की पहचान कर उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने को भी कहा गया था. वहीं, दाखिल-खारिज से संबंधित मामले में अपीलवाद दर्ज कर संबंधित पक्षों को सुन कर एक माह के अंदर भूमि सुधार उप समाहर्ता के माध्यम से आदेश पारित करने का निर्देश भी उपायुक्तों को दिया गया था. विभाग की अोर से जारी पत्र में उपायुक्तों से अनुरोध किया गया था कि अपने मातहत पदाधिकारियों को निर्देश देकर त्रुटियों का निराकरण करायें तथा व्यक्तिगत रुचि लेते हुए मामले की पाक्षिक समीक्षा भी करें.
विभाग के अनुसार त्रुटियां
पंजी-2 में खाता नंबर, खेसरा या रकबा की त्रुटिपूर्ण प्रविष्टि की गयी है. यह प्रविष्टि राजस्व कर्मचारी ने जान बूझ कर या भूलवश की है.
पंजी-2 में एक ही भूमि की अलग-अलग व्यक्ति के नाम से इंट्री तथा लगान रसीद भी निर्गत होना. इससे भूमि विवाद की संभावना.
कई मामले में रैयत की जमीन से अधिक जमीन दाखिल-खारिज करते हुए पंजी-2 में दर्ज. इससे कम जानकार लोगों के साथ जालसाजी कर भू-माफिया व दलाल को जमीन हड़पने का मौका मिल जाता है. इस पर कठोर नियंत्रण जरूरी.
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