JPSC-JSSC मामले में पूर्व CM बाबूलाल मरांडी ने सरकार पर साधा निशाना, बोले- छात्रों पर दर्ज केस वापस ले सरकार
पूर्व सीएम बाबूलाल मरांडी के स्वागत करते कार्यकर्ता : प्रभात खबर
पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार से छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग की और सरकार पर छात्रों के साथ गलत व्यवहार करने का आरोप लगाया.
रामगढ़ से संजय शुक्ला की रिपोर्ट
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राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने JPSC-JSSC में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्रों पर दर्ज केस के बाद राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है. रविवार को हजारीबाग से रांची जाने के क्रम में रामगढ़ के इफिको गेस्ट हाउस में उन्होंने कहा कि राज्य सरकार छात्रों के साथ गलत व्यवहार कर रही है. उन्होंने मांग की कि छात्रों पर दर्ज मामले तत्काल वापस लिए जाएं और उनके माता-पिता को परेशान करना बंद किया जाए.
उन्होंने कहा कि छात्र पिछले 26 दिनों से संवैधानिक तरीके से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे थे, लेकिन सरकार ने उनकी मांगों पर विचार करने के बजाय उन पर एफआईआर दर्ज कर दी. उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए सरकार से छात्रों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने की मांग की.
सुनियोजित तरीके से छात्रों से की गयी मारपीट
पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि 21 अगस्त को पूरे राज्य में छात्रों की ओर से मुख्यमंत्री का पुतला दहन किया जाना था. इसी दौरान झारखंड मुक्ति मोर्चा के लोगों ने सुनियोजित तरीके से छात्रों के साथ मारपीट और धक्का-मुक्की की. उन्होंने कहा कि सरकार को छात्रों की आवाज सुननी चाहिए और लोकतांत्रिक तरीके से चल रहे आंदोलन का सम्मान करना चाहिए. छात्रों पर कार्रवाई करने के बजाय उनकी समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए.
केस दर्ज करने की बात न करें, जेल में जगह कम पड़ जाएगी
बाबूलाल मरांडी ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि छात्रों पर इसी तरह मामले दर्ज किए जाते रहे तो आने वाले दिनों में पूरे झारखंड में छात्र सड़कों पर उतर सकते हैं. उन्होंने कहा कि सरकार को छात्रों पर दर्ज मामले वापस लेने चाहिए, अन्यथा स्थिति गंभीर हो सकती है.
उन्होंने रामगढ़ के झामुमो नेता विनोद किस्कू के कथित बयान का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का पुतला जलाने वालों को लेकर दिया गया कथित बयान पूरे झारखंड में वायरल हो रहा है. मरांडी ने सवाल उठाया कि ‘यह कैसा लोकतंत्र है, जहां छात्रों के आंदोलन के जवाब में उन्हें धमकी दी जा रही है?’
उन्होंने राज्य सरकार से छात्रों पर दर्ज मामलों को जल्द से जल्द वापस लेने और उनके परिजनों को परेशान नहीं करने की मांग की.
मौके पर डॉ. संजय सिंह, सरदार अनमोल सिंह, विजय जायसवाल, सत्यजीत सिंह, रंजन फौजी सहित भाजपा के कई कार्यकर्ता और नेता मौजूद थे.
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