कुएं व चापाकल सूखे, टैंकर आते ही शुरू हो जाता है धक्का-मुक्की

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भुरकुंडा : भुरकुंडा कोयलांचल के कई पंचायतों में भीषण गर्मी में पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है. सीसीएल की जलापूर्ति व्यवस्था सुचारू रूप से नहीं चल रही है. क्षेत्र के कुएं व चापाकल भी जवाब दे गये हैं. ऐसे में लोगों के समक्ष पानी की व्यवस्था करना सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है. अहले […]

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भुरकुंडा : भुरकुंडा कोयलांचल के कई पंचायतों में भीषण गर्मी में पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है. सीसीएल की जलापूर्ति व्यवस्था सुचारू रूप से नहीं चल रही है. क्षेत्र के कुएं व चापाकल भी जवाब दे गये हैं. ऐसे में लोगों के समक्ष पानी की व्यवस्था करना सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है. अहले सुबह लोग पानी के जुगाड़ में जुट जाते हैं.

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उनकी यह जद्दोजहद देर रात तक जारी रहती है. झारखंड सरकार की हुरूमगढ़ा जलमीनार से होने वाली पानी आपूर्ति भी नाम मात्र की हो रही है. जिससे पानी की समस्या ने और विकराल रूप धारण कर लिया है. भुरकुंडा, पटेल नगर, जवाहर नगर के हजारों लोग पानी के लिए सबसे ज्यादा परेशानी झेलने को विवश हैं. लोगों का कहना है कि हर साल गरमी के दिनों में इस तरह की समस्या का सामना करना पड़ता है.

लेकिन सीसीएल प्रबंधन द्वारा जलापूर्ति व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए कोई ठोस योजना नहीं बनायी जा रही है. जलापूर्ति मशीनरी में मामूली सी खराबी को भी ठीक करने में कई-कई दिन लग जाता है. फिलहाल तीन-चार दिनों के अंतराल पर लोगों को 30-45 मिनट तक पानी मिल पा रहा है, जो पर्याप्त नहीं है.

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