कागज पर बिजली पहुंची, जमीन पर नहीं ! पोल और डीपी के बाद भी 3 साल से अंधेरे में सुसकरिया टोला

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बांस के सहारे बिजली तार | Prabhat Khabar Network

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पलामू के सुसकरिया टोला में तीन साल पहले बिजली के पोल लगे, लेकिन आज भी ग्रामीण अंधेरे में रहने को मजबूर हैं. विभाग की लापरवाही से ग्रामीण खुद जोखिम उठा रहे हैं.

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रामनरेश तिवारी की रिपोर्ट

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पाटन (पलामू): पलामू जिले के पाटन विद्युत विभाग की लापरवाही और प्रशासनिक उदासीनता का खामियाजा कुम्हवा के सुसकरिया टोला के ग्रामीण भुगत रहे हैं. टोले में करीब तीन वर्ष पहले बिजली के पोल खड़े कर दिये गये और ट्रांसफार्मर लगाने के लिए डीपी भी स्थापित कर दिया गया. कुछ पोल पर तार भी लगा दिए गए, लेकिन तीन साल बीत जाने के बाद भी टोले में नियमित बिजली आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी है. स्थिति यह है कि अब तक 11 हजार वोल्ट की लाइन भी टोले तक नहीं पहुंची है.

कनेक्शन के लिए फार्म भरवाया, फिर भी नहीं पहुंची बिजली

ग्रामीणों के अनुसार, करीब एक वर्ष पहले विभाग की ओर से बिजली कनेक्शन देने के नाम पर उनसे फार्म भी भरवाये गए थे. इससे लोगों में उम्मीद जगी थी कि जल्द ही उनके घरों में बिजली पहुंचेगी. लेकिन समय बीतता गया और विभाग की ओर से कोई ठोस पहल नहीं हुई. बिजली का इंतजार करते-करते ग्रामीण अब थक चुके हैं.

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विभाग से निराश ग्रामीणों ने बांस के सहारे खींचा तार

विभागीय व्यवस्था से निराश ग्रामीणों ने अपनी जरूरत पूरी करने के लिए खुद ही बिजली की वैकल्पिक व्यवस्था कर ली. ग्रामीणों ने निजी खर्च से बांस और तार खरीदा और कुम्हवा मोड़ से करीब आधा किलोमीटर दूर सुसकरिया टोला तक बांस के सहारे तार खींचकर बिजली पहुंचाई. हालांकि, यह अस्थायी व्यवस्था अब ग्रामीणों के लिए खतरा बनती जा रही है.ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से खुले में बांस के सहारे तार खींचे जाने के कारण कई बांस सड़ चुके हैं. कई बांस गिरने के कगार पर पहुंच गए हैं. ऐसे में कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है. ग्रामीणों का कहना है कि विभाग को इसकी जानकारी देने के बावजूद अब तक स्थायी समाधान नहीं किया गया है.

15 घरों के करीब 150 लोग बिजली के इंतजार में

सुसकरिया टोला में करीब 15 घर हैं, जहां लगभग डेढ़ सौ लोग निवास करते हैं. ग्रामीणों का कहना है कि जब पोल खड़े किए गए और ट्रांसफार्मर के लिए डीपी लगाया गया, तब उन्हें लगा था कि जल्द ही बिजली की समस्या खत्म हो जाएगी. लेकिन तीन वर्ष बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है.

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11 हजार वोल्ट की लाइन और सुरक्षित बिजली आपूर्ति की मांग

ग्रामीणों ने विद्युत विभाग और प्रशासन से जल्द से जल्द 11 हजार वोल्ट की लाइन से टोले को जोड़ने, ट्रांसफार्मर लगाने और सुरक्षित तरीके से बिजली आपूर्ति शुरू कराने की मांग की है. साथ ही बांस के सहारे खींचे गए जर्जर तारों को हटाकर विभागीय व्यवस्था से बिजली उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि किसी अनहोनी से पहले समस्या का स्थाई समाधान हो सके.

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