इंजीनियरिंग कॉलेज मेस की जांच में मिलीं गंभीर खामियां, एक्सपायर्ड पापड़ व बिना बैच नंबर की हल्दी जब्त
सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज बसौरा पलामू | Prabhat Khabar Network
मेदिनीनगर के इंजीनियरिंग कॉलेज मेस में भोजन की गुणवत्ता पर छात्रों के धरने के बाद जांच हुई. फूड इंस्पेक्टर को रसोई में साफ-सफाई की कमी, एक्सपायर्ड पापड़ और बिना बैच नंबर की हल्दी मिली. प्रशासन ने सुधार का भरोसा दिलाया.
मेदिनीनगर. नीलांबर-पितांबरपुर के बसौरा स्थित सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज में मेस के भोजन की गुणवत्ता और रसोई की साफ-सफाई को लेकर हुए छात्रों के धरने के बाद फूड इंस्पेक्टर लव कुमार गुप्ता ने पलामू के डीसी को निरीक्षण से संबंधित प्रतिवेदन सौंपा है. प्रतिवेदन में रसोई घर और भोजन तैयार करने वाले क्षेत्र में साफ-सफाई की कमी पायी गयी है. रसोई घर की खिड़की में जाली नहीं लगी थी, जबकि स्टोर रूम में खाद्य पदार्थों का उचित तरीके से भंडारण नहीं किया जा रहा था.
जांच के दौरान दो पैकेट लिज्जत पापड़ मिले, जो जुलाई में ही एक्सपायर हो चुके थे. इन्हें जब्त कर लिया गया. खाना बनाने के लिए रखी हल्दी में बैच नंबर नहीं पाया गया. उसे भी जब्त किया गया है. इस मामले में मेस संचालक से स्पष्टीकरण पूछा गया है.
फूड इंस्पेक्टर लव कुमार गुप्ता ने बताया कि मेस से संबंधित सामान को जांच के लिए रांची की लैब में भेजा गया है. जांच में सामान गुणवत्तापूर्ण नहीं पाया गया, तो मेस संचालक के खिलाफ केस किया जायेगा.
भोजन में कीड़े, कांच व लोहे के तार मिलने का लगाया था आरोप
मालूम हो कि इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने भोजन की गुणवत्ता और साफ-सफाई को लेकर हंगामा किया था. छात्रों ने आरोप लगाया था कि मेस में परोसे जा रहे भोजन में लगातार कीड़े, कांच के टुकड़े, बाल व लोहे के तार मिल रहे हैं. इसके अलावा खाना बनाने की जगह और इस्तेमाल होने वाले बर्तनों की स्वच्छता को लेकर भी गंभीर सवाल उठाये गये थे.
शिकायत के बाद सदर एसडीओ संजय पांडेय, अंचलाधिकारी जागो महतो व फूड इंस्पेक्टर की संयुक्त टीम ने मेस का औचक निरीक्षण किया था. भोजन के नमूने जब्त कर लिये गये थे. निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मेस की स्वच्छता, बर्तन, बैठने की व्यवस्था व सैनिटाइजेशन समेत विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया था. सदर एसडीओ ने आक्रोशित छात्रों से बातचीत कर उन्हें शांत कराया था. इसके बाद देर रात छात्रों का धरना खत्म हुआ था.
एसडीओ ने बताया था कि निरीक्षण में मेस की हाइजीन और साफ-सफाई का स्तर काफी खराब मिला. करीब 10 से 12 बिंदुओं पर गंभीर कमियां सामने आयी हैं. इन कमियों को लेकर संबंधित पक्षों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जायेगा. मेस से चावल, दाल व लाल मिर्च के नमूने सील कर जांच के लिए स्टेट फूड लैब, नामकुम (रांची) भेजे गये हैं. जांच रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जायेगी.
छात्रों ने वर्तमान मेस वेंडर को महाविद्यालय से हटाने की मांग की थी. प्रशासन ने बकाया भुगतान के निपटारे के लिए 30 सितंबर तक की समय-सीमा तय की है. अधिकारियों ने भरोसा दिया है कि तय अवधि में कमियों का सुधार नहीं होने पर नियमानुसार प्रशासनिक व कानूनी कार्रवाई की जायेगी.
जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी
इंजीनियरिंग कॉलेज में हंगामे की सूचना पर गुरुवार को एनएसयूआई के प्रदेश उपाध्यक्ष अमरनाथ तिवारी व आपसू के कमलेश कुमार पांडेय भी कॉलेज पहुंचे थे. उन्होंने कहा कि छात्रों द्वारा लगाये गये आरोप गंभीर हैं और जांच में भी कमियों की पुष्टि हुई है. उन्होंने समस्या का जल्द समाधान करने की मांग की. साथ ही चेतावनी दी कि समस्या का जल्द निदान नहीं हुआ, तो बाध्य होकर आंदोलन किया जायेगा.
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