एनपी विवि के शिक्षकेतर कर्मियों की हड़ताल समाप्त

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मेदिनीनगर : नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय के शिक्षकेतर कर्मचारियों का तीसरे दिन बुधवार को वार्ता के बाद धरना समाप्त हुआ. वार्ता में वीसी डॉ सत्येंद्र नारायण सिंह व अन्य पदाधिकारी शामिल हुए. प्रक्षेत्री अध्यक्ष सत्येंद्र प्रसाद अग्रवाल ने कहा कि वार्ता में शिक्षकेतर कर्मचारियों को एसीपी और एमएसीपी का लाभ देने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन सैद्धांतिक रूप […]

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मेदिनीनगर : नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय के शिक्षकेतर कर्मचारियों का तीसरे दिन बुधवार को वार्ता के बाद धरना समाप्त हुआ. वार्ता में वीसी डॉ सत्येंद्र नारायण सिंह व अन्य पदाधिकारी शामिल हुए. प्रक्षेत्री अध्यक्ष सत्येंद्र प्रसाद अग्रवाल ने कहा कि वार्ता में शिक्षकेतर कर्मचारियों को एसीपी और एमएसीपी का लाभ देने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन सैद्धांतिक रूप से तैयार हुआ.

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वित्त समिति व अभिषद की बैठक में उक्त प्रस्ताव के संबंध में निर्णय के पश्चात ही इसे लागू किया जा सकता है. राज्य सरकार के अनुमोदन की प्रत्याशा में प्रक्रिया अपनाते हुए इसे तत्काल प्रभाव जनवरी 2020 से लागू करने पर सहमति बनी है. सप्तम वेतन के संबंध में महाविद्यालय द्वारा समर्पित वित्तीय सहभागिता को राज्य सरकार को यथाशीघ्र प्रेषित किया जायेगा.

चतुर्थ वर्ग में प्रोन्नति कर्मियों के लिए अलग से विचार जायेगा. चतुर्थ वर्गीय कर्मचारियों के वर्दी के लिए कॉलेजों से प्रस्ताव तैयार कर एनपीयू को उपलब्ध कराने पर सहमति बनी. सप्तम वेतनमान लागू होने के बाद पश्चात 1000 रुपये चिकित्सा भत्ता देने पर सहमति बनी.

साथ ही यह भी निर्णय लिया गया कि छह से आठ जनवरी तक के कार्य बहिष्कार का समांजन संबंधित कर्मियों के अर्जित अवकाश में किया जायेगा. उन्होंने कहा कि एसीपी और एमएसीपी से संबंधित कार्यो में त्वरित कर्यान्वयन के लिए एक समिति का गठन किया गया है. समिति में एनपीयू के प्रोक्टर, पदाधिकारी, सहायक कुलसचिव और शिक्षकेतर कर्मियों की ओर से तीन कर्मी को नामित किया गया.

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