राजा मेदिनीराय के सपनों का पलामू बनाने का लिया संकल्प

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दुबियाखाड़ में आयोजित दो दिवसीय आदिवासी महाकुंभ विकास मेले का समापन मेदिनीनगर : राजा मेदिनीराय के सपनों के अनुरूप पलामू गढ़ने के संकल्प के साथ मंगलवार को दुबियाखाड़ में लगा आदिवासी महाकुंभ विकास मेला संपन्न हो गया. दो दिवसीय मेला के समापन के दिन जिला परिषद की अध्यक्ष प्रभा देवी ,जिप उपाध्यक्ष संजय सिंह, उपविकास […]

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दुबियाखाड़ में आयोजित दो दिवसीय आदिवासी महाकुंभ विकास मेले का समापन

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मेदिनीनगर : राजा मेदिनीराय के सपनों के अनुरूप पलामू गढ़ने के संकल्प के साथ मंगलवार को दुबियाखाड़ में लगा आदिवासी महाकुंभ विकास मेला संपन्न हो गया. दो दिवसीय मेला के समापन के दिन जिला परिषद की अध्यक्ष प्रभा देवी ,जिप उपाध्यक्ष संजय सिंह, उपविकास आयुक्त बिंदु माधव सिंह, जिप सदस्य प्रमोद सिंह आदि ने संयुक्त रूप से मेला में उल्लेखनीय योगदान देने वाले डीआरडीए कर्मियों के साथ-साथ राजा मेदिनीराय के वंशजों को सम्मानित किया गया.
मौके पर आयोजित समारोह में जिप अध्यक्ष श्रीमती देवी ने कहा कि सामूहिक प्रयास से ही इलाके की तस्वीर बदलेगी. इस तरह के मेला के आयोजन के पीछे उद्देश्य यही है कि हम सभी महापुरुषों से प्रेरणा लेकर एक बेहतर समाज गढ़ने के लिए काम करें. जिप उपाध्यक्ष श्री सिंह ने कहा कि हमें राजा मेदिनीराय को दायरे से बाहर निकालना होगा. राजा मेदिनीराय का प्रजा के प्रति जो समर्पण का भाव था, वह शासन प्रशासन में बैठे लोगों के लिए हमेशा प्रेरणादायी है.
इसलिए न सिर्फ पलामू बल्कि झारखंड सहित पूरा देश राजा मेदिनीराय के गौरवशाली शासन को जान सके. इसके लिए हम सभी को प्रयास करना होगा. क्योंकि अभी तक की जो स्थिति है, उससे यह स्पष्ट है कि राजा मेदिनीराय के साथ न्याय नहीं किया गया है. उनकी जो कृति है वह सिर्फ पलामू तक ही नहीं सिमटा रहना चाहिए, बल्कि राष्ट्रीय फलक तक पहुंचना चाहिए. इसलिए वह मेला को राष्ट्रीय मेला का दर्जा दिलाने की मांग रखी है.
उन्होंने कहा कि हम सभी को राजा मेदिनीराय के आदर्शों को आत्मसात करना होगा. सिर्फ वाणी से नहीं बल्कि कर्मों में उसकी झलक मिलनी चाहिए. केवल कहने मात्र से तसवीर नहीं बदलेगी. बल्कि मौका मिलने के बाद खुद से यह साबित करना होगा कि राजा मेदिनीराय के पदचिह्नों पर चल रहे है.
मगर अवसर मिलने के बाद भी लोग यह संदेश देने में असफल रहे है. उपविकास आयुक्त बिंदु माधव सिंह ने मेला के उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला और इसमें सक्रिय भागीदारी के लिए आमजनों के प्रति अभार जताया. जिप सदस्य प्रमोद सिंह ने कहा कि इस मेला को और भी भव्य रूप देने की जरूरत है. क्योंकि यह सिर्फ एक मेला नही बल्कि पलामू की पहचान है. मेला के समापन के अवसर पर जिला परिषद ने राजा मेदिनीराय के 350 वंशजों को शॉल देकर सम्मानित किया. इसके अलावा डीआरडीए कर्मियों को भी सम्मानित किया गया.
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