पाकुड़ में टीबी जांच की रफ्तार बढ़ाने पर जोर, हाई रिस्क क्षेत्रों में चलेगा अभियान
समीक्षा बैठक में मौजूद सिविल सर्जन व अन्य | Prabhat Khabar Network
पाकुड़ जिले को टीबी मुक्त बनाने के लक्ष्य के साथ स्वास्थ्य विभाग ने टीबी मरीजों की पहचान और जांच में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं. पांच प्रखंडों के सभी गांवों में घर-घर जाकर संभावित मरीजों की पहचान की जाएगी.
पाकुड़ : जिले को टीबी मुक्त बनाने के उद्देश्य से गुरुवार को सिविल सर्जन कार्यालय के सभागार में टीबी मरीजों की जांच में वृद्धि को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गयी. बैठक की अध्यक्षता सिविल सर्जन डॉ. प्रवीण कुमार संथालिया ने की. इसमें जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. केके सिंह सहित सभी प्रखंडों के संबंधित पदाधिकारी व कर्मी मौजूद रहे.
टीबी मरीजों की पहचान और जांच तेज करने का निर्देश
बैठक में जिले में चल रहे टीबी उन्मूलन कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा की गयी. इस दौरान टीबी मरीजों की पहचान और जांच की गति तेज करने पर विशेष जोर दिया गया. सिविल सर्जन ने सभी प्रखंडों के स्वास्थ्य अधिकारियों को हाई रिस्क वाले क्षेत्रों में विशेष जांच अभियान चलाने का निर्देश दिया.
पांच प्रखंडों के सभी गांवों में होगी घर-घर जांच
उन्होंने कहा कि लिट्टीपाड़ा, अमड़ापाड़ा, महेशपुर, पाकुड़िया और हिरणपुर प्रखंड के सभी गांवों में घर-घर जाकर टीबी के संभावित मरीजों की पहचान की जाये. इसके बाद गांव में ही एक्स-रे की सुविधा उपलब्ध कराकर टीबी की जांच सुनिश्चित की जाये, ताकि बीमारी की समय पर पहचान कर मरीजों का इलाज शुरू किया जा सके. इससे संक्रमण को फैलने से रोकने में भी मदद मिलेगी.
टीबी के लक्षण और बचाव को लेकर जागरूकता पर जोर
सिविल सर्जन ने कहा कि जिले को टीबी मुक्त बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग के सभी पदाधिकारियों और कर्मियों को समन्वय के साथ काम करना होगा. उन्होंने लोगों के बीच टीबी के लक्षणों और बचाव को लेकर जागरूकता फैलाने तथा लक्षण वाले मरीजों की पहचान कर तत्काल जांच के लिए भेजने का निर्देश दिया.
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