MMDR संशोधन अधिनियम 2026 के विरोध में झामुमो का प्रदर्शन, राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन
बैठक में मौजूद झामुमो कार्यकर्ता | Prabhat Khabar Network
कैरो में झामुमो प्रखंड समिति ने एमएमडीआर संशोधन अधिनियम 2026 पर चिंता जताई. जल, जंगल, जमीन और खनिज अधिकारों की रक्षा के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को ज्ञापन सौंपा गया.
राम प्रसाद पाल की रिपोर्ट
कैरो (लोहरदगा): झारखंड मुक्ति मोर्चा प्रखंड समिति कैरो की महत्वपूर्ण बैठक शनिवार को प्रखंड क्षेत्र में हुई. बैठक की अध्यक्षता प्रखंड अध्यक्ष मो. सजाद ने की. बैठक में खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन अधिनियम, 2026 को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की गई.
राष्ट्रपति को भेजा गया ज्ञापन
बैठक के बाद झामुमो प्रखंड समिति कैरो की ओर से प्रखंड विकास पदाधिकारी/अंचलाधिकारी, कैरो प्रखंड के माध्यम से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को ज्ञापन प्रेषित किया गया. ज्ञापन में झामुमो प्रदेश सदस्य नीरू शांति भगत ने कहा कि यह संशोधन राज्यों के संवैधानिक अधिकारों, झारखंड की वित्तीय स्वायत्तता तथा आदिवासी-मूलवासी समाज के जल, जंगल, जमीन एवं खनिज अधिकारों की रक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है.
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जल, जंगल, जमीन और खनिज अधिकारों का मुद्दा
ज्ञापन में कहा गया है कि झारखंड की पहचान उसकी मिट्टी, जंगल, पहाड़, नदियों और खनिज संपदा से है. आदिवासी एवं मूलवासी समाज के लिए ये केवल प्राकृतिक संसाधन नहीं, बल्कि जीवन, संस्कृति, पहचान और अस्तित्व का हिस्सा हैं. भगवान बिरसा मुंडा, सिद्धो-कान्हू, चांद-भैरव, फूलो-झानो और तिलका मांझी जैसे वीरों का संघर्ष इसी धरती, जल, जंगल और अधिकारों की रक्षा के लिए रहा है.
धारा 9डी को लेकर जताई चिंता
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि संशोधन के तहत एमएमडीआर एक्ट में जोड़ी गई धारा 9डी से राज्य सरकारों की खनिज अधिकारों अथवा खनिज-युक्त भूमि पर कर, उपकर या अन्य लेवी लगाने की शक्ति प्रभावित हो रही है. इससे राज्यों के संवैधानिक अधिकार, संघीय व्यवस्था और राज्य की विकास क्षमता प्रभावित होने की बात कही गई है.
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सुप्रीम कोर्ट में याचिका के फैसले का स्वागत
बैठक में झारखंड सरकार द्वारा इस कानून के विरोध में उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर करने के निर्णय का स्वागत किया गया. कार्यकर्ताओं ने कहा कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन के नेतृत्व में झामुमो का आंदोलन इसी भावना से चला कि झारखंड की धरती और उसकी संपदा का उपयोग हो तो सबसे पहले उस समाज के अधिकार, सम्मान और भविष्य की रक्षा सुनिश्चित हो, जिसने पीढ़ियों से इस धरती की रक्षा की है. मौके पर अख्तर अंसारी, धनपत उरांव, संतोष साहू सहित कई पंचायत अध्यक्ष, सचिव एवं बड़ी संख्या में झामुमो कार्यकर्ता उपस्थित थे.
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