लोहरदगा के बाजार में उतनी सब्जियों की खपत नहीं
Updated at : 12 Jan 2017 8:04 AM (IST)
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लोहरदगा जिला एक कृषि प्रधान जिला है. यहां से प्रतिदिन पांच ट्रक सब्जियां दूसरे राज्यों के लिए भेजी जाती है. इस बात में कोई संदेह नहीं है कि यहां के किसान काफी मेहनती हैं और इनकी मेहनत के बदौलत ही यहां सब्जियों का बेहतर उत्पादन होता है. किसानों को यदि कोल्ड स्टोरेज की सुविधा मिल […]
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लोहरदगा जिला एक कृषि प्रधान जिला है. यहां से प्रतिदिन पांच ट्रक सब्जियां दूसरे राज्यों के लिए भेजी जाती है. इस बात में कोई संदेह नहीं है कि यहां के किसान काफी मेहनती हैं और इनकी मेहनत के बदौलत ही यहां सब्जियों का बेहतर उत्पादन होता है. किसानों को यदि कोल्ड स्टोरेज की सुविधा मिल जाये तो उन्हें काफी सहुलियत होगी़ यहां कोल्ड स्टोरेज बनाने की घोषणा कई बार हुई लेकिन धरातल पर अब तक नहीं बन पाया है.
लोहरदगा से बाहर भेजे जाने वाली सब्जियां उस समय सड़क पर बिखरी नजर आती है जब झारखंड बंद या भारत बंद का ऐलान होता है. सब्जियां खराब हो जाती है और लोहरदगा के बाजार में उतनी सब्जियों की खपत नहीं है. ऐसे में सब्जियों को फेकने के अलावे किसानों के पास कोई गुंजाइश नहीं बच पाती है.
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