Latehar News: चंदवा में गैस सिलेंडर की किल्लत से उपभोक्ता परेशान, 50-55 दिन में मिल रही डिलीवरी; एजेंसी ने आरोपों को बताया गलत

Updated:
विज्ञापन

चंदवा में गैस की किल्लत खत्म होने के बाद भी ग्रामीणों को 55 दिन में सिलेंडर मिल रहा है। कालाबाजारी और देरी से परेशान लोगों ने जांच की मांग की है।

विज्ञापन

चंदवा,लातेहार : पूरे राज्य में रसोई गैस की किल्लत लगभग खत्म होने के बाद भी चंदवा प्रखंड के उपभोक्ताओं को नियमित रूप से सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है. आपूर्ति पदाधिकारियों को गैस की किल्लत खत्म होने से संबंधित आदेश मिलने के बावजूद स्थानीय स्तर पर उपभोक्ताओं की परेशानी बनी हुई है. प्रखंड में उपभोक्ताओं को दूसरे सिलेंडर के लिए 45 दिन बाद बुकिंग की व्यवस्था है. इसके बाद भी सिलेंडर की डिलीवरी में कई दिन लग जा रहे हैं. ग्रामीणों के अनुसार, सिलेंडर खत्म होने के बाद अगली डिलीवरी मिलने में करीब 50 से 55 दिन तक का समय लग रहा है.

आपके शहर में

विज्ञापन

कभी ओटीपी तो कभी वाहन-लेबर की समस्या

उपभोक्ताओं का कहना है कि 45 दिन बाद सिलेंडर की बुकिंग होने के बाद भी उसी दिन डिलीवरी मिलना सुनिश्चित नहीं है. कभी एजेंसी में गैस की कमी, कभी ओटीपी वेरिफिकेशन की परेशानी, तो कभी ऑटो या लेबर की कमी का हवाला दिया जाता है. इससे सिलेंडर की डिलीवरी लगातार टलती रहती है.

ग्रामीणों का कहना है कि रसोई गैस पर निर्भर परिवारों के लिए यह व्यवस्था परेशानी का कारण बन रही है. सिलेंडर खत्म होने के बाद अगली डिलीवरी में लंबा समय लगने से उन्हें वैकल्पिक ईंधन की व्यवस्था करनी पड़ती है, जिससे घरेलू खर्च भी बढ़ रहा है.

दो एजेंसियों के भरोसे गैस वितरण

प्रखंड में दो एजेंसियों के माध्यम से रसोई गैस की आपूर्ति की जा रही है. चंदवा की श्रीराम भारत गैस एजेंसी भारतगैस तथा बारी स्थित शाहदेव गैस एजेंसी एचपी रसोई गैस का वितरण करती है. दोनों एजेंसियां ग्रामीण वितरक श्रेणी में आती हैं.

स्थानीय उपभोक्ताओं का कहना है कि 45 दिन के बाद ही दूसरे सिलेंडर की बुकिंग की व्यवस्था उनके लिए परेशानी का कारण बन रही है. ग्रामीणों का सवाल है कि जब सिलेंडर की जरूरत नियमित है, तो डिलीवरी के लिए इतना लंबा इंतजार क्यों करना पड़ रहा है.

घरेलू सिलेंडर के व्यावसायिक इस्तेमाल का आरोप

उपभोक्ताओं ने घरेलू गैस सिलेंडर के व्यावसायिक इस्तेमाल का भी आरोप लगाया है. उनका कहना है कि बड़े होटल, कई व्यवसायिक प्रतिष्ठान और ऐसे किरायेदार, जिनके पास गैस कनेक्शन का कार्ड नहीं है, घरेलू सिलेंडर का इस्तेमाल कर रहे हैं. आरोप है कि उन्हें अधिक कीमत पर सिलेंडर उपलब्ध हो जा रहा है.

ग्रामीणों ने आशंका जतायी है कि इस वजह से घरेलू सिलेंडरों की कालाबाजारी हो सकती है. लोगों ने प्रशासनिक अधिकारियों से मामले की जांच कराने और घरेलू उपभोक्ताओं को नियमित रूप से गैस उपलब्ध कराने की मांग की है.

50-55 दिन में सप्लाई की बात गलत : एजेंसी संचालक

श्रीराम भारत गैस एजेंसी के प्रोपराइटर अमित कुमार ने कहा कि 50-55 दिन में गैस सप्लाई होने की बात गलत है. 45 दिन के बाद तत्काल सिलेंडर उपलब्ध कराया जा रहा है. उन्होंने कहा कि वर्तमान में मांग कम होने के कारण एजेंसी संचालन में उन्हें भी परेशानी हो रही है.

वहीं, प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी मोनू कुमार पंडित ने कहा कि रसोई गैस की किल्लत खत्म हो गयी है. इससे संबंधित आदेश भी प्राप्त हुआ है. सिलेंडर मिलने में देरी की शिकायत की जांच की जायेगी.

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola