Jharkhand SIR: लातेहार के महुआडाड़ में ड्राफ्ट मतदाता सूची से 42 वोटरों के नाम हटाने की कोशिश, ग्रामीणों में आक्रोश

Updated:
विज्ञापन

प्रपत्र दिखाते ग्रामीण | Prabhat Khabar Network

लातेहार के महुआडांड़ में 42 मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने के प्रयास पर ग्रामीणों ने भारी आक्रोश जताया है. मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है.

विज्ञापन

महुआडाड़ से वसीम अख्तर की रिपोर्ट

आपके शहर में

विज्ञापन

Jharkhand SIR: विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद मनिका विधानसभा क्षेत्र के महुआडांड़ अनुमंडल स्थित गड़बूढ़नी पंचायत के पहाड़कापू गांव में 42 मतदाताओं के नाम हटाने के लिए प्रपत्र-7 जमा किए जाने का मामला सामने आया है. इस घटना के बाद गांव में विवाद गहरा गया है. ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने के साथ दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है.

क्या है आरोप

ग्रामीणों का आरोप है कि बूथ संख्या 317 के 42 मतदाताओं को प्रपत्र-7 में पते पर मौजूद नहीं होने अथवा अन्य स्थान पर स्थानांतरित होने का आधार बताकर उनके नाम मतदाता सूची से हटाने की अनुशंसा की गई है. ग्रामीणों का कहना है कि संबंधित सभी मतदाता आज भी गांव में रह रहे हैं.

ग्रामीणों की बैठक में उठा विरोध

मामले की जानकारी मिलते ही पहाड़कापू अंजुमन कमेटी के सदर हदीस अंसारी की अध्यक्षता में गांव में बैठक आयोजित की गई. बैठक में कांग्रेस मंडल अध्यक्ष नुरूल अंसारी, कांग्रेस एसटी जिला अध्यक्ष अजीत पाल कुजूर सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए. बैठक में ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा कि यदि बिना सत्यापन के मतदाताओं के नाम हटाने की कोशिश हुई है, तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. साथ ही दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग भी की गई. ग्रामीणों ने बताया कि इस संबंध में महुआडांड़ के अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) को आवेदन देकर पूरे मामले की जांच कराने की मांग की जाएगी.

सभी 42 मतदाता गांव में रहते हैं: मुखिया

गड़बूढ़नी पंचायत की मुखिया रेणु तिग्गा ने स्पष्ट कहा कि जिन 42 लोगों के नाम हटाने की बात सामने आई है, वे सभी गांव के स्थायी निवासी हैं और वर्तमान में गांव में ही रह रहे हैं. उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों के नाम हटाने की अनुशंसा से ग्रामीणों में नाराजगी है और मामले की पूरी सच्चाई सामने आनी चाहिए.

बीएलओ ने नहीं जमा किया प्रपत्र-7

मामले में बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) अनीमा खलखो का बयान भी सामने आया है. उन्होंने बताया कि ग्राम प्रधान और भाजपा बूथ सदस्य जोगेंद्र खेरवार की ओर से उन्हें प्रपत्र-7 के फॉर्म दिए गए थे. उन्होंने कहा कि जब उन्होंने फॉर्म देखा, तो पता चला कि यह मतदाताओं के नाम हटाने से संबंधित है. इसके बाद उन्होंने फॉर्म जमा करने से इनकार कर दिया और तत्काल ग्रामीणों को इसकी जानकारी दी. बीएलओ के इस कदम के बाद मामला गांव में तेजी से फैल गया और बड़ी संख्या में लोग इस पर आपत्ति जताने लगे.

इसे भी पढ़ें: मेहरमा में SIR की जनसुनवाई, छूटे वोटरों की मैपिंग का खुला रास्ता

जांच की मांग के बीच बढ़ी राजनीतिक हलचल

ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी होने के बाद सामने आए इस मामले ने महुआडांड़ क्षेत्र में राजनीतिक हलचल भी बढ़ा दी है. ग्रामीणों का कहना है कि मतदाता सूची में किसी भी बदलाव से पहले वास्तविक स्थिति का सत्यापन आवश्यक है. अब सभी की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी है कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और इस मामले में आगे क्या कदम उठाए जाते हैं.

इसे भी पढ़ें: SIR जनसुनवाई का जायजा लेने पोड़ैयाहाट पहुंचे प्रमंडलीय आयुक्त, डाटा एंट्री में लापरवाही पर चेताया

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola