आदिम जनजाति परिवार के बीच राशन का वितरण

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जिला आपूर्ति पदाधिकारी रश्मि लकड़ा के निर्देश पर बारीबांध गांव में शिविर लगाकर राशन का वितरण किया गया.

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लातेहार. जिले के गारु प्रखंड के बारीबांध गांव के आदिम जनजाति परिवार पिछले दो माह से राशन नहीं मिलने से परेशान थे. इन गरीबों को नवंबर और दिसंबर माह का राशन नहीं मिला था. इस संबंध में प्रभात खबर ने समाचार का प्रमुखता से प्रकाशित किया था. खबर प्रकाशित होने के बाद जिला प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता बरती. जिला आपूर्ति पदाधिकारी रश्मि लकड़ा के निर्देश पर बारीबांध गांव में शिविर लगाकर राशन का वितरण किया गया. इस संबंध में गांव के राजेश बृजिया, चंद्रदेव बृजिया, पुष्पा देवी, सरस्वती देवी, अरुण बृजिया, सुनीता देवी, सुषमा देवी व पुष्पा देवी ने लातेहार उपायुक्त उत्कर्ष गुप्ता को आवेदन देकर अपनी पीड़ा व्यक्त की थी. ग्रामीणों ने बताया कि डाकिया योजना के तहत आदिम जनजाति परिवारों के बीच राशन का वितरण किया जाना था, लेकिन अब तक यह नहीं हो पाया. वहीं लाल और पीला राशन कार्डधारकों के बीच राशन का वितरण हो चुका है. ग्रामीणों का कहना है कि चावल की पैकिंग के लिए बोरों की कमी का हवाला देते हुए प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी की ओर से राशन वितरण में देरी की जा रही है. ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जब राशन को लेकर उनसे बात की जाती है, तो स्पष्ट जवाब देने के बजाय सिर्फ चावल की पैकिंग की समस्या का बहाना बनाते हैं. ग्रामीणों ने उपायुक्त से मांग की है कि जल्द राशन वितरण सुनिश्चित हो. गौरतलब है कि आदिम जनजाति के लोगों के लिए डाकिया योजना शुरू की गयी थी, ताकि उन्हें समय पर राशन मिले. लेकिन बोरीबांध गांव में यह योजना लापरवाही का शिकार हो गयी है. राशन मिलने के बाद ग्रामीणों ने जिला प्रशासन के प्रति आभार जताया है.

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