टाइगर रिजर्व के कारण घटायी गयी डैम की ऊंचाई

Updated at : 03 Jun 2018 4:31 AM (IST)
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टाइगर रिजर्व के कारण घटायी गयी डैम की ऊंचाई

उत्तर कोयल जल विद्युत परियोजना . केंद्रीय जल सचिव व राज्य के मुख्य सचिव ने किया निरीक्षण केंद्रीय सचिव ने कहा द्वितीय चरण का कार्य 15 जून से आरंभ होने की संभावना विस्थापित परिवारों को पुनर्वास नीति के तहत बसाया जायेगा लातेहार : केंद्रीय जल संसाधन विभाग के सचिव यूपी सिंह ने बताया कि उत्तर […]

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उत्तर कोयल जल विद्युत परियोजना . केंद्रीय जल सचिव व राज्य के मुख्य सचिव ने किया निरीक्षण

केंद्रीय सचिव ने कहा
द्वितीय चरण का कार्य 15 जून से आरंभ होने की संभावना
विस्थापित परिवारों को पुनर्वास नीति के तहत बसाया जायेगा
लातेहार : केंद्रीय जल संसाधन विभाग के सचिव यूपी सिंह ने बताया कि उत्तर कोयल जल विद्युत परियोजना (मंडल डैम) को पूरा करने के लिए सरकारी प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गयी है. मंडल डैम निर्माण के प्रथम चरण का कार्य लगभग पूर्ण हो गया है, जिसके तहत डैम की अद्यतन स्थिति की जानकारी लेनी थी. द्वितीय चरण का कार्य 15 जून से आरंभ होने की पूरी संभावना है. इस डैम के निर्माण से विस्थापित होनेवाले ग्रामीणों को सरकार की विस्थापन व पुनर्वास नीति के तहत बसाया जायेगा. इसके लिए अधिकारियों को विस्थापित होनेवाले गांव एवं गांव में रहनेवाले परिवारों का सर्वे कर सूची बनाने का निर्देश दिया जा चुका है.
आगे बताया कि डैम की ऊंचाई कम की गयी है, ताकि पलामू टाइगर रिजर्व की जमीन इससे कम प्रभावित हो. मुख्य सचिव सुधीर त्रिपाठी ने कहा कि मंडल डैम परियोजना सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है और इसे पूरा हर हाल में किया जायेगा. उन्होंने बताया कि विस्थापित होनेवाले सभी ग्रामीणों को पैकेज के तहत लाभ दिया जायेगा.
इस परियोजना क्षेत्र में पड़ने वाली वन विभाग की जमीन पर अनापत्ति प्रमाण पत्र शीघ्र देने का निर्देश दिया. लातेहार एवं गढ़वा उपायुक्त से भी मंडल डैम परियोजना की जानकारी ली. साथ ही परियोजना को निश्चित समय में पूरा करने में आ रही समस्या को जल्द हल करने की बात कही. आला अधिकारी सीआरपीएफ कैंप परिसर में प्रशासनिक, पुलिस एवं वन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे थे. बैठक में नक्सलवाद पर भी चर्चा की गयी.
डैम के लिए 1627 करोड़ का प्राक्कलन तैयार
केंद्रीय जल संसाधन विभाग के सचिव यूपी सिंह ने बताया कि मंडल डैम परियोजना को पूरा करने के लिए केंद्र सरकार प्रतिबद्ध है. इस परियोजना को पूरा करने के लिए 1627 करोड़ रुपये का प्राक्कलन तैयार किया गया है. इसमें 60 प्रतिशत की राशि केंद्र सरकार एवं 40 प्रतिशत की राशि राज्य सरकार वहन करेगी. उन्होंने बताया कि वन विभाग द्वारा जतायी गयी आपत्तियों को शीघ्र ही सरकार के स्तर पर समाधान कर लिया जायेगा. वन विभाग की आपत्ति के निराकरण को लेकर छह सौ करोड़ की राशि हस्तांतरित की जायेगी.
एक लाख 11 हजार हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी
केंद्रीय सचिव श्री सिंह ने बताया कि डैम पूरा हो जाने के बाद एक लाख 11 हजार हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी. डैम परियोजना के शुरू होने पर बिहार एवं झारखंड के क्षेत्र विकसित होंगे. सूबे के मुख्य सचिव सुधीर त्रिपाठी ने बताया कि पहले परियोजना के अंतर्गत 367 मीटर की ऊंचाई तक पानी जमा करने की योजना थी लेकिन परियोजना में फेरबदल करते हुए अब 341 मीटर की ऊंचाई तक ही पानी जमा की जायेगी. इसी के आधार पर डूब क्षेत्र के आंकलन का सर्वे किया जायेगा. उन्होंने अधिकारियों को डूब क्षेत्र में पड़ने वाले सभी गांवों एवं गांव में रहने वाले परिवारों का सर्वे करने का निर्देश दिया. मौके पर एएसीएस डीके तिवारी सहित कई अधिकारी मौजूद थे.
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