जेजे कॉलेज को गिरिडीह विश्वविद्यालय से जोड़ने के विरोध में आंदोलन तेज, सीएम से मिलेंगे प्रतिनिधि
जानकी यादव को बुके भेंट करते समिति के लोग | Prabhat Khabar Network
कोडरमा के डिग्री कॉलेजों को हजारीबाग से हटाकर गिरिडीह विश्वविद्यालय से जोड़ने के प्रस्ताव पर विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है. विद्यार्थियों और अभिभावकों की आर्थिक व व्यावहारिक परेशानियों को देखते हुए, जेजे कॉलेज बचाओ संघर्ष समिति ने पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष से मुलाकात की और मुख्यमंत्री से मिलने का आश्वासन प्राप्त किया.
जेजे कॉलेज समेत कोडरमा जिले के सभी डिग्री कॉलेजों को विनोबा भावे विश्वविद्यालय, हजारीबाग से हटाकर गिरिडीह विश्वविद्यालय से जोड़ने के प्रस्ताव के विरोध में आंदोलन तेज होने लगा है. विद्यार्थियों और अभिभावकों के भविष्य से जुड़े इस मुद्दे को लेकर जेजे कॉलेज बचाओ संघर्ष समिति के नौ सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष जानकी प्रसाद यादव से मुलाकात कर अपनी मांगें रखीं. प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय बदलने से विद्यार्थियों को होने वाली व्यावहारिक और आर्थिक परेशानियों से उन्हें अवगत कराया.
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गिरिडीह की दूरी बढ़ने से विद्यार्थियों पर पड़ेगा अतिरिक्त बोझ
संघर्ष समिति ने कहा कि कोडरमा के विद्यार्थियों के लिए हजारीबाग की तुलना में गिरिडीह अधिक दूर है. विश्वविद्यालय से जुड़े नामांकन, परीक्षा, प्रमाण-पत्र, प्रशासनिक कार्य और अन्य शैक्षणिक जरूरतों के लिए विद्यार्थियों व अभिभावकों को अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ेगी. इससे गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चों पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा और उच्च शिक्षा हासिल करना भी कठिन हो सकता है.
मुख्यमंत्री से मुलाकात कराने का आश्वासन
प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुनने के बाद जानकी प्रसाद यादव ने कहा कि जेजे कॉलेज और कोडरमा के डिग्री कॉलेजों से जुड़े मामले को मुख्यमंत्री के संज्ञान में दिया जा चुका है. उन्होंने आश्वासन दिया कि 10 सितंबर के बाद संघर्ष समिति के प्रतिनिधिमंडल की मुख्यमंत्री से मुलाकात कराने का प्रयास किया जाएगा. इससे पहले शिक्षा मंत्री से भी प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात कराने की बात कही गयी.
समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन में साथ देने की बात
जानकी प्रसाद यादव ने कहा कि जेजे कॉलेज को किसी भी स्थिति में विनोबा भावे विश्वविद्यालय, हजारीबाग से गिरिडीह विश्वविद्यालय में नहीं जाने दिया जाएगा. उन्होंने संघर्ष समिति को सरकार के स्तर पर समाधान निकालने का प्रयास करने का भरोसा दिया. साथ ही कहा कि बातचीत और प्रयासों के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे संघर्ष समिति के आंदोलन के साथ मजबूती से खड़े रहेंगे और जरूरत पड़ी तो विद्यार्थियों के भविष्य की रक्षा के लिए सड़क पर भी उतरेंगे.
मांग नहीं मानी तो आंदोलन होगा व्यापक
प्रतिनिधिमंडल में संघर्ष समिति के संरक्षक राम रतन अवध्या व विजय यादव, अध्यक्ष महेश भारती, सचिव देवेंद्र कुमार, उपाध्यक्ष वीरेंद्र कराटे, सह सचिव मो अली शाद, विनोद राम, कोषाध्यक्ष तौफीक हुसैन और नीरज सिंह समेत अन्य सदस्य शामिल थे. समिति ने कहा कि सरकार विद्यार्थियों और अभिभावकों की भावनाओं को समझते हुए जल्द सकारात्मक निर्णय लेती है तो यह कोडरमा के हित में होगा. मांगों की अनदेखी होने पर शिक्षा व शैक्षणिक संस्थान बचाओ, बेटे-बेटियों का भविष्य बचाओ, कोडरमा बचाओ अभियान को व्यापक और चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा.
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