बच्चों को स्वस्थ रखना है तो खाने में आज से करें ये बदलाव, विशेषज्ञों ने दी जरूरी जानकारी

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कार्यक्रम में उपस्थित अतिथि | Prabhat Khabar Network

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खूंटी के कोड़ाकेल पंचायत में राष्ट्रीय पोषण माह का आयोजन हुआ. इसमें बच्चों और गर्भवती महिलाओं के बेहतर स्वास्थ्य के लिए संतुलित आहार के महत्व पर चर्चा की गई.

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खूंटी. खूंटी के मुरहू ब्लॉक में सोमवार को पंचायत स्तरीय राष्ट्रीय पोषण माह मनाया गया. इस कार्यक्रम का आयोजन कोड़ाकेल पंचायत में हुआ. कार्यक्रम में जिला परिषद सदस्य दयामनी मुंडू, कोड़ाकेल पंचायत की मुखिया मरियम होरो और मुरहू पंचायत की मुखिया ज्योति ढोढराय मुख्य रूप से उपस्थित थीं.

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क्यों ज़रूरी है संतुलित आहार

कार्यक्रम के दौरान शिशु घर में बच्चों को बिना किसी शुल्क के मिलने वाली सेवाओं के बारे में जानकारी दी गयी. स्थानीय स्तर पर मिलने वाले कद्दू, पालक या मक्का जैसे खाद्य पदार्थों को अपने भोजन में शामिल करने से बच्चों, गर्भवती महिलाओं और परिवारों के बेहतर स्वास्थ्य व पोषण के लिए संतुलित एवं पौष्टिक आहार के महत्व पर विषय विशेषज्ञों ने चर्चा की.

इस चर्चा का मुख्य उद्देश्य लोगों को व्यावहारिक सलाह देना था. समुदाय के लोगों को दैनिक जीवन में संतुलित आहार को शामिल करने तथा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पौष्टिक खाद्य पदार्थों का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया. उदाहरण के लिए, एक माँ ने बताया कि कैसे अपने बच्चे के खाने में स्थानीय हरी सब्जियों को शामिल करने के बाद उसके बच्चे का स्वास्थ्य बेहतर हुआ है और वह पहले से ज़्यादा चुस्त रहता है.

स्थानीय और पारंपरिक भोजन अपनाने की अपील

जिला परिषद सदस्य दयामनी मुंडू ने कहा कि स्थानीय स्तर पर उपलब्ध खाद्य पदार्थों का सेवन करें. पारंपरिक खाद्य पदार्थों को भी अपने भोजन में शामिल करें.

कोड़ाकेल पंचायत की मुखिया मरियम होरो ने लोगों को पैकेट और फास्ट फूड के अधिक सेवन से बचने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि घर में तैयार पौष्टिक और ताजे भोजन को प्राथमिकता दें.

शिशुओं और गर्भवती महिलाओं के पोषण पर जोर

कार्यक्रम में जन्म से छह माह तक के शिशुओं को केवल स्तनपान कराने, सात माह से ऊपर के बच्चों को स्तनपान के साथ ऊपरी-पूरक आहार देने तथा गर्भवती महिलाओं को पर्याप्त और पोषणयुक्त आहार लेने के महत्व के बारे में जानकारी दी गयी.

शुरुआती 1000 दिन बेहद महत्वपूर्ण

इस अवसर पर जीवन के शुरुआती 1000 दिनों के महत्व की जानकारी दी गयी. गर्भावस्था से लेकर बच्चे के दो वर्ष की आयु तक उचित पोषण, देखभाल, स्वास्थ्य एवं विकास से संबंधित जानकारी भी दी गयी.

वहीं, बच्चों और गर्भवती महिलाओं के बेहतर स्वास्थ्य और पोषण के लिए परिवार और समुदाय में जागरूकता फैलाने की अपील की गयी.

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