10 करोड़ रुपये का नुकसान

Updated at : 26 May 2015 5:52 AM (IST)
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10 करोड़ रुपये का नुकसान

कोयलांचल में असरदार रहा माओवादी बंद का पहला दिन नहीं चले वाहन बंद रहीं दुकानें खलारी : भाकपा माओवादी के दो दिवसीय बंद का पहला दिन सोमवार को खलारी कोयलांचल में व्यापक असर पड़ा. माओवादी के झारखंड-बिहार स्पेशल एरिया कमेटी की सदस्य सरिता गंझू उर्फ उर्मिला के पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने के विरोध में […]

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कोयलांचल में असरदार रहा माओवादी बंद का पहला दिन
नहीं चले वाहन बंद रहीं दुकानें
खलारी : भाकपा माओवादी के दो दिवसीय बंद का पहला दिन सोमवार को खलारी कोयलांचल में व्यापक असर पड़ा. माओवादी के झारखंड-बिहार स्पेशल एरिया कमेटी की सदस्य सरिता गंझू उर्फ उर्मिला के पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने के विरोध में झारखंड-बिहार बंद का आह्वान किया है.
खलारी प्रखंड कार्यालय में पदाधिकारी व कर्मचारी नहीं पहुंचे. क्षेत्र की करीब 90 प्रतिशत दुकानें बंद रही. केडी बाजार, खलारी बाजारटांड़, धमधमिया, लपरा, डकरा व राय आदि बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा. इसके अलावा बैंक, पोस्टऑफिस भी बंद रहे. यात्री बसों का परिचालन पूरी तरह ठप रहा. कोयलांचल में कोयला ट्रांसपोर्टिंग पर बंद का असर पड़ा. खदानों से रेल साइडिंग तक कोयला ढुलाई करने वाले निजी ट्रांसपोर्टरों ने अपने डंपर गैराज में खड़े कर दिये. रविवार रात 12 बजे से ही ट्रांसपोर्टिंग ठप हो गयी.
साइडिंग तक कोयला नहीं पहुंचने के कारण कोयला ढुलाई के भाड़े के एवज में रेलवे को एक दिन में 10 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ है. ज्ञात हो कि खलारी प्रखंड क्षेत्र के खलारी तथा राय स्टेशन से एक दिन में 20 से 22 रैक कोयला निकलता है. एक रैक कोयला ढोने में रेलवे को औसतन 50 लाख रुपये भाड़ा के रूप में मिलता है. कामकाज ठप रहने से साइडिंग सुनसान रहे.
डिस्पैच का काम ठप
पिपरवार : भाकपा माओवादियों के बंद के पहले दिन पिपरवार कोयलांचल में व्यापक असर देखा गया. मध्य रात से ही अशोक खदान से आरसीएम साइडिंग व एचपी/सीपीपी परियोजना से बचरा साइडिंग की कोयला ढुलाई ठप है. दोनों साइडिंगों में रैक लोडिंग व डिस्पैच का काम ठप है. केडी ओल्ड साइडिंग की ढुलाई के साथ-साथ अशोक, पिपरवार व वाशरी प्रोजेक्ट से रोड सेल का काम ठप हो गया. यात्री वाहनों के नहीं चलने से यात्री परेशान रहे.
क्षेत्र के व्यापारिक प्रतिष्ठान व पेट्रोल पंप बंद रहे. अधिकतर दुकानें दिन भर बंद रहने के बाद शाम में खुली. खदानों में विभागीय उत्पादन सामान्य रहा, लेकिन आउटसोर्सिंग से होने वाला कोयला उत्पादन व ओबी रिमूवल का काम प्रभावित है. बरकाकाना-बरवाडीह लाइन में यात्री ट्रेनों का परिचालन सामान्य ढंग से हो रहा है.
थम गये वाहनों के पहिये
डकरा : भाकपा माओवादियों द्वारा आहूत बंद का डकरा में व्यापक असर देखा गया. क्षेत्र के व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे.सड़कें सुनी रही. वाहनों का परिचालन नहीं हुआ. कोयला खदानों में भी काम बंद रहा, लोकल सेल में चलने वाले ट्रकों का पहिया रविवार रात से ही थम गया था, जिससे क्षेत्र की सड़को में ट्रकों की लंबी लाइन लगी रही. समाचार लिखे जाने तक कहीं से किसी अप्रिय घटना की खबर नहीं है.
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