गांव से IIT कानपुर तक का सफर, अब 50 लाख के पैकेज पर चयन, जानें पटमदा के मुकेश की कहानी

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मुकेश कुंभकार.

पटमदा के मुकेश कुंभकार ने अपनी मेहनत से 50 लाख का वार्षिक पैकेज हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है. जानें उनकी प्रेरणादायक सफलता की पूरी कहानी.

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पटमदा : अगर हौसले बुलंद हों और मेहनत को सही दिशा मिल जाए, तो सीमित संसाधन भी मंजिल की राह नहीं रोक सकते. पटमदा के गोलकाटा गांव के रहने वाले मुकेश कुंभकार ने अपनी मेहनत, लगन और प्रतिभा से इसे सच साबित कर दिखाया है. साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि से निकलकर मुकेश ने देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में शिक्षा हासिल की और अब उन्हें 50 लाख रुपये के वार्षिक पैकेज पर एक प्रतिष्ठित बहुराष्ट्रीय कंपनी में चयन का मौका मिला है. मुकेश की इस उपलब्धि से न सिर्फ उनके परिवार, बल्कि पूरे पटमदा क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है.

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JAC बोर्ड के कोल्हान टॉपर से IIT कानपुर तक का सफर

मुकेश कुंभकार की सफलता की कहानी स्कूली दिनों से ही शुरू हो गई थी. वर्ष 2014 में इंटरमीडिएट साइंस की परीक्षा में उन्होंने JAC बोर्ड के कोल्हान टॉपर्स में स्थान बनाया. इसके बाद उन्होंने NIT राउरकेला से 2018 में मेटलर्जिकल एंड मैटेरियल्स इंजीनियरिंग में बीटेक की पढ़ाई पूरी की. उच्च शिक्षा के लिए आगे बढ़ते हुए मुकेश ने IIT कानपुर जैसे देश के शीर्ष संस्थान से मास्टर्स की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान उन्हें जर्मनी की एक इंस्टीट्यूट के साथ महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट पर काम करने का अवसर मिला. इस दौरान उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शोध और तकनीकी कार्य का अनुभव हासिल किया.

जिंदल स्टेनलेस में भी संभाली अहम जिम्मेदारी

उच्च शिक्षा से पहले मुकेश ने कॉर्पोरेट क्षेत्र में भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया. बीटेक के बाद उन्होंने करीब दो वर्षों तक जिंदल स्टेनलेस लिमिटेड, जाजपुर में एसोसिएट मैनेजर के रूप में काम किया. इसके बाद उन्होंने अपनी पढ़ाई और तकनीकी ज्ञान को और मजबूत किया. लगातार अपने करियर को नई दिशा देते रहे. यही निरंतरता आज उनकी सबसे बड़ी उपलब्धियों में नजर आ रही है.

50 लाख का पैकेज, HSBC में बैंकिंग करियर की शुरुआत

मुकेश का चयन अब HSBC में बैंक मैनेजर के पद के लिए हुआ है. उनकी पोस्टिंग कोलकाता में होनी है. हालांकि, फिलहाल उन्होंने ज्वाइनिंग नहीं की है. उनके चयन से परिवार और गांव के लोगों में खासा उत्साह है. ग्रामीण परिवेश से निकलकर इतने बड़े संस्थान तक पहुंचना मुकेश की मेहनत और प्रतिभा का प्रमाण माना जा रहा है.

AI से बैंकिंग को स्मार्ट बनाने का सपना

मुकेश सिर्फ नौकरी हासिल करने तक सीमित नहीं रहना चाहते. भविष्य को लेकर उनका लक्ष्य भी स्पष्ट है. वह कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की मदद से बैंकिंग डेटा एनालिटिक्स के क्षेत्र में नए प्रयोग और नवाचार करना चाहते हैं. उनका सपना वित्तीय सेवाओं को ज्यादा प्रभावी, सुरक्षित और स्मार्ट बनाने का है. उनका मानना है कि कठिन परिश्रम, सही दिशा और दृढ़ संकल्प के साथ कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है.

मुकेश की सफलता बनी युवाओं के लिए मिसाल

गोलकाटा गांव जैसे ग्रामीण क्षेत्र से निकलकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने वाले मुकेश कुंभकार की कहानी यह बताती है कि प्रतिभा किसी शहर की मोहताज नहीं होती. जरूरत होती है तो सिर्फ मेहनत, अवसर और अपने लक्ष्य के प्रति अटूट विश्वास की.


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