स्वाइन फ्लू को लेकर जमशेदपुर अलर्ट, संदिग्ध मरीज मिलने पर दें जानकारी, ये हैं लक्षण

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प्रतीकात्मक तस्वीर.

जमशेदपुर में स्वाइन फ्लू (H1N1) के संदिग्ध मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट जारी किया है. लोगों को सर्दी-खांसी, बुखार या सांस लेने में परेशानी को हल्के में न लेने की सलाह दी गई है. संक्रमण से बचाव के लिए सावधानी बरतना आवश्यक है.

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जमशेदपुर : देश के कई राज्यों में इंफ्लुएंजा-ए H1N1 (स्वाइन फ्लू) के मामले बढ़ने के बाद झारखंड स्वास्थ्य विभाग ने भी सतर्कता बढ़ा दी है. जमशेदपुर में संदिग्ध मरीज सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने पूरे जिले को अलर्ट कर दिया है. सरकारी और निजी अस्पतालों को संदिग्ध मरीजों की पहचान से लेकर जांच, उपचार और निगरानी तक विशेष सावधानी बरतने का निर्देश दिया गया है.

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सांस लेने में हो रही परेशानी को हल्के में न लें

स्वास्थ्य विभाग ने साफ कहा है कि सर्दी-खांसी, बुखार या सांस लेने में परेशानी को हल्के में न लें, खासकर ऐसे मरीजों पर अस्पतालों में विशेष नजर रखी जाए. संदिग्ध मरीज मिलने पर तत्काल जिला सर्विलांस विभाग को सूचना देने का निर्देश दिया गया है. स्वाइन फ्लू को लेकर सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल ने जिले के सभी सरकारी और निजी अस्पतालों को आवश्यक तैयारी पूरी रखने का निर्देश दिया है. अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड तैयार रखने के साथ-साथ पर्याप्त PPE किट, N-95 और ट्रिपल लेयर मास्क, VTM किट, जरूरी दवाएं, ऑक्सीजन उपकरण और वेंटिलेटर उपलब्ध रखने को कहा गया है.

संदिग्ध मरीज मिलने पर जिला सर्विलांस विभाग को दें जानकारी

स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल प्रबंधन को निर्देश दिया है कि स्वाइन फ्लू का कोई भी संदिग्ध मरीज मिलने पर बिना देरी किए बिना जिला सर्विलांस विभाग को जानकारी दी जाए. इसके बाद मरीज की जांच और आवश्यक उपचार की प्रक्रिया शुरू की जाएगी. जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और मेडिकल कॉलेजों की ओपीडी में स्वाइन फ्लू के संभावित मरीजों की पहचान पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है.

इन लक्षणों वाले मरीजों पर नजर रखी जाएगी

सर्दी और खांसी बुखार गले में खराश नाक बहना सिरदर्द उल्टी अत्यधिक सुस्ती डायरिया ठंड लगना सांस लेने में परेशानी सांस लेने में तकलीफ के साथ अस्पताल में भर्ती मरीजों की स्वाइन फ्लू की जांच कराने पर विशेष जोर दिया गया है. स्वास्थ्य विभाग ने डॉक्टरों और पैरामेडिकल कर्मियों को भी संक्रमण से बचाव के लिए मास्क लगाने का निर्देश दिया है. अस्पतालों में संदिग्ध मरीजों की निगरानी बढ़ाने के साथ संक्रमण से बचाव के जरूरी उपाय अपनाने को कहा गया है.

लोगों से सावधानी बरतने की अपील

वहीं आम लोगों को भी सावधानी बरतने की जरूरत है. लक्षण दिखने पर खुद से दवा लेने के बजाय डॉक्टर से सलाह लें. बिना चिकित्सकीय सलाह के एंटीबायोटिक का सेवन नहीं करने का निर्देश दिया गया है. रिम्स और एमजीएम में जांच की सुविधा स्वाइन फ्लू की जांच की सुविधा रिम्स, रांची और एमजीएम मेडिकल कॉलेज, जमशेदपुर में उपलब्ध है. जिलों को मेडिकल कॉलेजों और जिला अस्पतालों के साथ समन्वय बनाकर संदिग्ध मरीजों की जांच कराने को कहा गया है.

कई राज्यों में बढ़े H1N1 के मामले, झारखंड में भी निगरानी तेज

दिल्ली, रांची, कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र और राजस्थान में इंफ्लुएंजा-ए H1N1 के मामलों में बढ़ोतरी को देखते हुए झारखंड में भी निगरानी व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं. राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अभियान निदेशक ने सभी सिविल सर्जन और जिला सर्विलांस पदाधिकारियों को संभावित मरीजों की पहचान और समय पर जांच-उपचार सुनिश्चित करने को कहा है. भारत सरकार के अपर सचिव डॉ. राकेश गुप्ता की ओर से सात बिंदुओं वाली एडवाइजरी भी झारखंड को भेजी गई थी. इसके बाद राज्य और जिला स्तर पर स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं.

सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव

स्वास्थ्य विभाग की अपील है कि लक्षणों को नजरअंदाज न करें, खुद से एंटीबायोटिक न लें और जरूरत पड़ने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें. संदिग्ध मरीजों की समय पर पहचान और जांच से संक्रमण पर नियंत्रण पाने में मदद मिल सकती है.


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