पिघले लोहे सा दमकेगा भविष्य का जमशेदपुर, ग्रीन स्टील से बदलेगी शहर की तस्वीर
जमशेदपुर
जमशेदपुर अपनी ऐतिहासिक पहचान से आगे बढ़कर अब ग्रीन स्टील और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में देश का नेतृत्व कर रहा है. 11 हजार करोड़ के निवेश से शहर का भविष्य संवारेगा, जहां शिक्षा और कुशल मानव संसाधन विकास पर जोर दिया जा रहा है.
जमशेदपुर: इस शहर की हर धड़कन, हर संघर्ष, हर बदलाव और हर उपलब्धि की कहानी को प्रभात खबर ने तीन दशकों से आपके सामने रखा है. कल की खबरों ने आज के जमशेदपुर की तस्वीर गढ़ी और आज की खबरें कल के जमशेदपुर का सपना देख रही हैं. यह सिर्फ खबरों का सफर नहीं, शहर के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने और उसकी बदलती कहानी को दर्ज करने की यात्रा है.
1907 टाटास्टील का रजिस्ट्रेशन 1907 में 2.13 करोड़ के प्रारंभिक निवेश से हुआ और यह एशिया की पहली स्टील कंपनी बनी.
1908 में साकची गांव, वर्तमान जमशेदपुर में कंपनी की स्थापना की शुरुआत हुई.
1911 टाटा स्टील में उत्पादन की प्रक्रिया शुरू की गयी. पहले ब्लास्ट फर्नेस की स्थापना की गयी. इसके बाद वर्ष 1912 में पहले स्टील इंगट का उत्पादन साकची स्थित प्लांट में शुरू हुआ. 1919 प्रथम विश्व युद्ध में टाटा स्टील (उस वक्त टिस्को) के योगदान से प्रभावित होकर वायसराय लॉर्ड चेल्म्सफोर्ड ने साकची गांव का नाम बदलकर जमशेदपुर रखा.
1939-45 कंपनी ने युद्ध के दौरान ब्रिटिश सेना के लिए "टैंक (टाटानगर आर्ड कार) बनाने के लिए विशेष स्टील का निर्माण किया.
2000 के बाद टाटा स्टील ने तेजी से विस्तार किया. 2005 में टिस्को का नाम बदलकर टाटा स्टील लिमिटेड हुआ. 2007 में कोरस के अधिग्रहण से कंपनी वैश्विक स्टील कंपनियों में शामिल हुई.
संताली फिल्म को मिली राष्ट्रीय पहचान
शहर की धरती पर बनी संताली लघु फिल्म 'आंगेन' (इन्विजिबल) ने राष्ट्रीय स्तर पर जमशेदपुर का गौरव बढ़ाया है. 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में फिल्म के निर्माता-निर्देशक रविराज मुर्मू को गैर-फीचर श्रेणी में बेस्ट डेब्यू फिल्म ऑफ ए डायरेक्टर' का पुरस्कार मिला. संताली लोककथा पर आधारित 'आंगेन' ने स्थानीय प्रतिभा और झारखंड की सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय पहचान दिलायी है.
शिक्षा में राज्य का नंबर-1 जिला बना पूर्वी सिंहभूम
जुलाई 2026 की डिस्ट्रिक एजुकेशन सिस्टम परफार्मेस समीक्षा में पूर्वी सिंहभूम ने 76.38 अंक के साथ झारखंड के 24 जिलों में पहला स्थान हासिल किया.
ऑटोमेशन व आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर बढ़ता उद्योग
टाटा स्टील ने 860 से अधिक एआइ मॉडल और 300 से अधिक एआइ एजेंट तैनात किये है. गूगल क्लाउड के साथ साझेदारी से उत्पादन, सुरक्षा और संचालन में एआइ का इस्तेमाल बढ़ाया जा रहा है, जिससे उत्पादन क्षमता और सुरक्षा मानकों को नया आयाम मिल रहा है.
11 हजार करोड़ रुपये के निवेश से बढ़ेंगे रोजगार
टाटा स्टील जमशेदपुर प्लांट के आधुनिकीकरण और ग्रीन स्टील उत्पादन पर 11,000 करोड़ निवेश करेगी. इसमें ग्रीन स्टील के लिए 7,000 करोड़, टिनप्लेट विस्तार के लिए 2,600 करोड़ और कॉम्बी मिल के लिए 1,100-1,500 करोड़ शामिल हैं. हिसरना व इजीमेल्ट तकनीक से सीओ 2 उत्सर्जन में 50-80% तक कमी का लक्ष्य है.
ग्रीन स्टील व क्लीन लौहनगरी की ओर बढ़ता शहर
भारी उद्योग के लिए जाना जाने वाला यह शहर अब 'ग्रीन स्टील' और 'अक्षय ऊर्जा' (ग्रीन एनर्जी) के क्षेत्र में देश का अगुवा बनने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है. टाटा स्टील और स्थानीय औद्योगिक तंत्र मिलकर वर्ष 2045 तक "नेट-जीरो कार्बन उत्सर्जन" का लक्ष्य हासिल करने के लिए जमीन पर काम कर रहे है .
कुशल मानव संसाधन की नर्सरी बना शहर
जमशेदपुर अब केवल स्टील उत्पादन का केंद्र नहीं, बल्कि भविष्य के उद्योगों के लिए हाइली-स्किल्ड वर्कफोर्स तैयार करने की नर्सरी बन रहा है. ऑटोमेशन, रोबोटिक्स, एआइ और ग्रीन टेक्नोलॉजी के दौर में टाटा स्टील, टाटा मोटर्स, एनटीटीएफ, एक्सएलआरआइ और एनआइटी जैसे संस्थान युवाओं को ग्लोबल मानकों के अनुरूप तैयार कर रहे हैं.
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