झारखंड के आंदोलनकारी चंद्रमोहन नाग का कोरोना से निधन, अलग राज्य दिलाने में निभाई थी महत्वपूर्ण भूमिका

Updated:
विज्ञापन

बाबू नाग कर्मकांड के खिलाफ थे, इसलिए उनके परिवारवालों ने निर्णय लिया है कि उनका क्रिया कर्म नहीं किया जायेगा, सिर्फ श्रद्धांजलि सभा होगी. झारखंड जनतांत्रिक महासभा के दीपक रंजीत, मदन मोहन, खोगेन महतो समेत अन्य सदस्यों ने उनके निधन पर शोक जताया है.

विज्ञापन

Jharkhand News, Jamshedpur Corona Update रांची : झारखंड आंदोलनकारी चंद्रमोहन नाग उर्फ बाबू नाग (59) का ब्रह्मानंद हृदयालय तामोलिया में बुधवार को निधन हो गया. वह कोरोना से संक्रमित थे. चंद्रमोहन अविवाहित थे. उनके परिवार में भाई, भाभी और उनकी संतानें हैं.

आपके शहर में

विज्ञापन

बाबू नाग कर्मकांड के खिलाफ थे, इसलिए उनके परिवारवालों ने निर्णय लिया है कि उनका क्रिया कर्म नहीं किया जायेगा, सिर्फ श्रद्धांजलि सभा होगी. झारखंड जनतांत्रिक महासभा के दीपक रंजीत, मदन मोहन, खोगेन महतो समेत अन्य सदस्यों ने उनके निधन पर शोक जताया है.

झारखंड अलग राज्य आंदोलन से सक्रिय रूप से जुड़े रहे :

एक मई 1962 को जमशेदपुर में जन्मे बाबू नाग छात्र जीवन से ही झारखंड अलग राज्य आंदोलन से जुड़े रहे. वह झारखंडियों की बौद्धिक चेतना, आदिवासी बोध, मनुवाद विरोधी विचार, समता आंदोलन तथा ग्रामीण कृषि विकास आधारित मॉडल के पक्षधर थे. हाल के दिनों में किसानों से संबंधित तीनों कानून के विरोध में जमशेदपुर में विरोधी एकजुटता मंच के बैनर तले काम किया. वह कई संस्थाओं और संगठनों से जुड़ कर हमेशा सक्रिय रहे.

Posted By : Sameer Oraon

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola