20% बोनस की हैट्रिक की तैयारी में टाटा कमिंस, अब टाटा मोटर्स पर बढ़ा दबाव
सांकेतिक तस्वीर.
जमशेदपुर के ऑटो सेक्टर में बोनस को लेकर माहौल गरमा गया है. टाटा कमिंस में लगातार तीसरे साल 20% बोनस मिलने की उम्मीद है, वहीं टाटा मोटर्स पर यूनियन के लिए दबाव बढ़ गया है.
जमशेदपुर : टाटा स्टील में बोनस तय होने के बाद अब शहर के ऑटो सेक्टर में बोनस को लेकर माहौल गरमा गया है. कर्मचारियों की निगाहें टाटा कमिंस और टाटा मोटर्स पर टिकी हैं. जहां सोमवार को दोनों यूनियनों की अहम कमेटी बैठकें होने जा रही हैं. टाटा कमिंस में तय फॉर्मूले (उत्पादन, मुनाफा व क्वालिटी) के दम पर लगातार तीसरे साल अधिकतम 20 प्रतिशत बोनस की हैट्रिक लगना लगभग तय माना जा रहा है. पिछले साल कमिंस के 773 कर्मचारियों के बीच 9.03 करोड़ रुपये बांटे गये थे.
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कर्मचारियों को अधिकतम 1,41,537 मिला था बोनस
जिसमें कर्मचारियों को अधिकतम 1,41,537 और औसत ₹1,17,081 की मोटी रकम मिली थी. कमिंस के इस बंपर आंकड़े ने टाटा मोटर्स वर्कर्स यूनियन पर साख बचाने का भारी दबाव बना दिया है. पिछले वित्तीय वर्ष में टाटा मोटर्स के स्थायी कर्मचारियों को महज 12.3% बोनस मिला था. जिससे औसत राशि सिर्फ 50,160 और अधिकतम 75,223 ही बन पायी थी. जो कमिंस के मुकाबले काफी कम थी.
टाटा मोटर्स अब एक भी बाई सिक्स कर्मी नहीं
हालांकि, टाटा मोटर्स के लिए राहत की बात यह है कि कंपनी में अब एक भी बाई सिक्स (अस्थायी) कर्मी नहीं बचा है. ऐसे में यूनियन को स्थायीकरण की माथापच्ची नहीं करनी पड़ेगी. कंपनी के डीमर्जर के बाद यह पहला बोनस समझौता है. इसलिए यूनियन का पूरा ध्यान सिर्फ बोनस राशि और प्रतिशत में बढ़ोतरी कराने पर लगा है. सोमवार की बैठकों के बाद प्रबंधन के साथ वार्ता पर सबकी नजरें टिकी हैं.
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