लिफ्ट में अटके तो पैनिक नहीं, सावधान रहें, जानें क्या कहते हैं सुरक्षा और मेंटेनेंस के नियम
प्रतीकात्मक तस्वीर.
आधुनिक लिफ्टें सुरक्षित हैं, पर रखरखाव ज़रूरी है. आग, भूकंप या लिफ्ट में फंसने पर क्या करें, और कानूनी प्रावधानों को समझें. यह लेख आपकी सुरक्षा के लिए आवश्यक जानकारी देता है.
जमशेदपुर : सुरक्षा और सुविधा के आधुनिक युग में लिफ्ट इमारतों का एक बेहद अहम हिस्सा बन चुकी है. तकनीक और सांख्यिकी के नजरिये से देखा जाये, तो लिफ्ट परिवहन के सबसे सुरक्षित साधनों में गिनी जाती है. लोगों के मन में कभी-कभी दुर्घटनाओं को लेकर डर जरूर पैदा होता है, लेकिन सच यह है कि आधुनिक लिफ्टों को बहुस्तरीय सुरक्षा तकनीकों से लैस किया जाता है. इन्हें संभालने के लिए बेहद मजबूत स्टील केबल्स लगे होते हैं, जिनमें से एक अकेली केबल ही पूरा वजन उठाने में सक्षम होती है. फिर भी सुरक्षा के लिहाज से चार से आठ केबल्स लगाई जाती हैं. यदि कभी स्पीड सीमा से ज्यादा हो या केबल ढीली पड़े, तो मैकेनिकल ब्रेक तुरंत सक्रिय होकर इसे गाइड रेल पर जकड़ लेते हैं. बिजली जाने पर ऑटोमैटिक रेस्क्यू डिवाइस लिफ्ट को निकटतम फ्लोर पर पहुंचाकर दरवाजा खोल देती है, जबकि खास सेंसर दरवाजे बंद हुए बिना लिफ्ट को चलने ही नहीं देते.
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आग या भूकंप के दौरान सीढ़ियों का इस्तेमाल करें
हालांकि, सुरक्षा के इतने पुख्ता इंतजामों के बावजूद जोखिम तभी पैदा होता है, जब नियमित देखभाल में लापरवाही बरती जाये, घटिया स्पेयर पार्ट्स इस्तेमाल हों, ओवरलोडिंग की जाये या बिना सुरक्षा ऑडिट की पुरानी लिफ्ट चलायी जाये. ऐसी किसी भी अनहोनी से बचने के लिये आग या भूकंप के दौरान सीढ़ियों का इस्तेमाल करना, ओवरलोड अलार्म बजने पर बाहर निकलना और अटके होने पर पैनिक न होकर अलार्म या इंटरकॉम का प्रयोग करना बेहद जरूरी है.
बिना लाइसेंस के लिफ्ट चलाना गैरकानूनी
कानूनी मोर्चे पर भी खराब, मानकहीन या बिना मेंटेनेंस वाली लिफ्ट लगाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के प्रावधान हैं. भारत में यह व्यवस्था राज्य लिफ्ट अधिनियम, राष्ट्रीय भवन संहिता और भारतीय मानक ब्यूरो के दिशानिर्देशों से संचालित होती है. बिना चीफ इलेक्ट्रिकल इंस्पेक्टर की अनुमति या लाइसेंस के लिफ्ट चलाना गैरकानूनी है और ऐसा करने पर लिफ्ट सील करने के साथ जुर्माना भी लगाया जा सकता है. घटिया क्वालिटी की लिफ्ट लगाने पर बिल्डर या मेंटेनेंस एजेंसी के खिलाफ उपभोक्ता अदालत में केस दर्ज कराया जा सकता है और दुर्घटना की स्थिति में लापरवाही के तहत एफआईआर दर्ज हो सकती है. यदि किसी क्षेत्र या सोसाइटी में असुरक्षित लिफ्ट पायी जाती है, तो प्रबंधन को नोटिस देने के साथ-साथ विद्युत निरीक्षक कार्यालय और कंज्यूमर फोरम में शिकायत दर्ज कराकर सख्त कदम उठाये जा सकते हैं.
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