पार्टी कहेगी तो जमशेदपुर पूर्वी से लड़ूंगा चुनाव : डॉ अजय कुमार

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डॉ. अजय कुमार ने कहा कि पार्टी आलाकमान अगर चुनाव लड़ने को कहेगी तो वे जमशेदपुर पूर्वी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने को तैयार हैं.

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जमशेदपुर :

झारखंड में विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गयी है. सियासी पार्टियां जहां जातीय, सामाजिक व राजनीतिक समीकरण साधने में जुटी है. वहीं विभिन्न पार्टियों के नेताओं की जोर-आजमाइश शुरू हो गयी है. सभी अपने-अपने अनुसार चुनावी गणित को अपने मुफीद बनाने में लगे हैं. इसी बीच जमशेदपुर पूर्वी सीट से पूर्व एसपी सह पूर्व सांसद डॉ अजय कुमार ने दावा ठोक दिया है. रविवार को प्रभात खबर के साथ बातचीत के क्रम में कहा कि पार्टी आलाकमान अगर चुनाव लड़ने को कहेगी तो वे जमशेदपुर पूर्वी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने को तैयार हैं. क्या सीट बदल सकती है, इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि जमशेदपुर पश्चिमी सीट पर पार्टी का सिटिंग विधायक व मंत्री हैं, उनकी सीट पर नहीं लड़ सकते. दूसरा जेनरल सीट बहरागोड़ा है और तीसरा जमशेदपुर पूर्वी सीट है. इस सीट में ही उनका घर भी है. यहां लड़ सकते हैं. हालांकि, इस सीट पर पार्टी के प्रदेश महासचिव सह पूर्व जिलाध्यक्ष विजय खां ने भी अपना दावा ठोका है. वह लगातार क्षेत्र के लोगों को चिट्ठी लिख रहे हैं और चुनाव लड़ने की इच्छा जता रहे हैं. विजय खां ने जमशेदपुर पूर्वी सीट से 1,000 लोगों को चिट्ठी लिखी है. इस चिट्ठी में वह लोगों से समर्थन मांग रहे हैं. लगातार बैठकें भी हो रही है. वहीं, दूसरी ओर जिलाध्यक्ष आनंद बिहारी दुबे भी चुनाव लड़ने का मूड बना चुके हैं. क्षेत्र में अचानक सक्रियता बढ़ा दी है. बैठकें हो रही है, स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित करवायी जा रही है. कई अन्य दावेदार भी अंदर-अंदर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं. अब देखना यह होगा कि पार्टी किस चेहरे के साथ चुनाव में जाती है. हालांकि, तीनों ही संभावित उम्मीदवारों ने यह जरूर कहा कि पार्टी जिसे योग्य उम्मीदवार समझेगी उसे टिकट देगी और उन्हें जिताने के लिए पूरी ताकत से लगा देंगे.झारखंड के मजदूरों को दिलाएंगे न्यूनतम मजदूरी का बढ़ा हुआ दर

रविवार का डॉ. अजय कुमार ने धतकीडीह स्थित एक होटल में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार जनहित को लेकर लगातार बेहतर कार्य कर रही है. उन्होंने न्यूनतम मजदूरी का विषय उठाया था, जिसे झारखंड सरकार ने इस साल मार्च में लागू किया है. झारखंड सरकार द्वारा बढ़ती हुई महंगाई को देखते हुई श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी में बढोतरी संबंधी अधिसूचना 11 मार्च 2024 (न्यूनतम मजदूरी बढ़ोतरी अधिनियम 2024) को जारी करने के साथ ही प्रदेश में इसको लागू कर दिया गया था.डॉ. अजय ने कहा कि इस संबंध में उन्होंने मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन से बात की है कि इस पर नजर रखी जानी चाहिए, ताकि छोटे और बड़े व्यापारिक संगठन, उद्योग, कंपनियां इस नए न्यूनतम वेतन कानून का पालन करें.उन्होंने कहा कि झारखंड में न्यूनतम मजदूरी दर को संशोधित किया गया है. हालांकि इसे लागू नहीं किया जा सका है. ए श्रेणी के शहरों में अकुशल मजदूरों को पूर्व में जहां 352.38 रुपये प्रति दिन मिलता था, उसे बढ़ाकर 486.64 रुपये किया जायेगा. वहीं अर्द्धकुशल मजदूरों को अभी 369.17 रुपये मिलता है, लेकिन इसे बढ़ाकर 468 रुपये, कुशल मजदूर को जहां 486.64 रुपये मिल रहे हैं, उन्हें 616 रुपये, जबकि अभी अति कुशल मजदूर को जहां 562.14 रुपये मिल रहे हैं, उसे बढ़ाकर 711 रुपये दिलाने का प्रयास किया गया है. इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार को भी आड़े हाथों लिया. कहा कि सात साल में 70 परीक्षाएं रद्द हो गयी. नीट की परीक्षा में साफ रूप से यह स्पष्ट हो गया है कि पेपर लीक हुआ था, लेकिन प्रधानमंत्री इस मामले में चुप हैं. उन्होंने दोबारा नीट की परीक्षा लेने की मांग की. साथ ही देश में लगातार पुल गिरने के मामले में भी भ्रष्टाचार का आरोप लगाया.धर्मेंद्र कुमार बने डॉ अजय कुमार के प्रेस सलाहकार

पूर्व सांसद डॉ अजय कुमार ने पत्रकार धर्मेंद्र कुमार को अपना प्रेस सलाहकार सह मीडिया प्रभारी बनाया है. धर्मेंद्र कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में लंबा अनुभव रहा है.

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