जमशेदपुर की खेल पाठशाला में पहुंचे फीफा-एआइएफएफ के दिग्गज, फुटबॉल से हॉकी तक के ग्रासरूट मॉडल को सराहा

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फीफा और अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ के प्रतिनिधि पहुंचे जमशेदपुर.

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फीफा और अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआइएफएफ) के प्रतिनिधियों ने जमशेदपुर के खेल इकोसिस्टम का बारीकी से निरीक्षण किया. उन्होंने टाटा फुटबॉल एकेडमी, जमशेदपुर एफसी जूनियर, जेएसए फुटबॉल लीग और नवल टाटा हॉकी एकेडमी के ग्रासरूट कार्यक्रमों को विशेष रूप से सराहा.

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जमशेदपुर : जमशेदपुर में फुटबॉल और हॉकी की नर्सरी से लेकर ग्रासरूट ट्रेनिंग तक की तस्वीर देखने शनिवार को फीफा और अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआइएफएफ) के प्रतिनिधि पहुंचे. प्रतिनिधिमंडल ने शहर के खेल इकोसिस्टम, खिलाड़ियों को मिल रही सुविधाओं और प्रतिभाओं को तैयार करने के मॉडल का बारीकी से जायजा लिया. टाटा फुटबॉल एकेडमी (टीएफए), जमशेदपुर एफसी जूनियर के ट्रेनिंग मॉडल से लेकर जेएसए फुटबॉल लीग और नवल टाटा हॉकी एकेडमी (एनटीएचए) के ग्रासरूट कार्यक्रम को प्रतिनिधियों ने करीब से देखा.

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जेएसए लीग को बताया ग्रासरूट की मजबूत कड़ी

प्रतिनिधिमंडल में एआइएफएफ के ग्रासरूट और अकादमी एक्रेडिटेशन प्रमुख गोकुल कृष्णन और फीफा के दक्षिण एशिया ग्लोबल फुटबॉल डेवलपमेंट डिवीजन के रीजनल टेक्निकल कंसलटेंट चोकी निमा शामिल थे. उन्होंने शहर में लंबे समय से संचालित जेएसए फुटबॉल लीग की संरचना और कामकाज को समझा. प्रतिनिधियों ने देखा कि स्थानीय खिलाड़ियों को नियमित प्रतिस्पर्धी मैचों का अनुभव देने में जेएसए लीग किस तरह महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है. उन्होंने कहा कि मजबूत स्थानीय लीग के बिना ग्रासरूट फुटबॉल का विकास मुश्किल है. नियमित मैच एक्सपोजर खिलाड़ियों के विकास की अहम कड़ी है.

टीएफए और जेएफसी जूनियर का भी लिया जायजा

दौरे के दौरान प्रतिनिधियों ने टाटा फुटबॉल एकेडमी और जमशेदपुर एफसी जूनियर के ट्रेनिंग सिस्टम का भी निरीक्षण किया. खिलाड़ियों के प्रशिक्षण, मैदान पर अभ्यास, कोचिंग सिस्टम और प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया की जानकारी ली गयी. प्रतिनिधिमंडल ने यह समझने का प्रयास किया कि स्थानीय स्तर पर प्रतिभाओं की पहचान से लेकर उन्हें प्रतिस्पर्धी फुटबॉल के लिए तैयार करने तक किस तरह का सिस्टम काम कर रहा है.

फुटबॉल के साथ हॉकी की नर्सरी भी देखी

फीफा-एआइएफएफ प्रतिनिधिमंडल ने नवल टाटा हॉकी एकेडमी के ग्रासरूट डेवलपमेंट प्रोग्राम का भी जायजा लिया. यहां कम उम्र के खिलाड़ियों को एस्ट्रोटर्फ, आधुनिक उपकरण और वैज्ञानिक प्रशिक्षण के जरिये तैयार करने की व्यवस्था देखी गयी. प्रतिनिधियों ने बच्चों के प्रशिक्षण और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली तथा ग्रासरूट स्तर पर खेल प्रतिभाओं को तैयार करने की प्रक्रिया को समझा.

जमशेदपुर के खेल मॉडल को करीब से समझने की कोशिश

दौरे का उद्देश्य शहर में फुटबॉल और हॉकी के लिए तैयार किये गये प्रशिक्षण एवं प्रतियोगिता के पूरे इकोसिस्टम को समझना रहा. खेल अकादमियों, स्थानीय लीग और ग्रासरूट कार्यक्रमों के बीच तालमेल को भी प्रतिनिधियों ने देखा. मौके पर जेएसए के सहायक सचिव सह टाटा स्टील स्पोर्ट्स फाउंडेशन के मैनेजर ऑपरेशन रोहित कुमार सिंह मौजूद थे.

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