रैफ बटालियन में ऑडिट के नाम पर अवैध वसूली : एचआरए रिकवरी का डर दिखाकर रिश्वत लेते सीनियर अकाउंटेंट को सीबीआई ने पटना से दबोचा

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जमशेदपुर (फाइल फोटो).

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जमशेदपुर की सीआरपीएफ 106 रैफ बटालियन में ऑडिट के नाम पर चल रहा था अवैध वसूली का खेल. सीनियर अकाउंटेंट को एचआरए रिकवरी दबाने के एवज में मांगी गई 50 हजार की घूस, जिसके बाद सीबीआइ ने पटना से धर दबोचा.

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जमशेदपुर : जमशेदपुर (सुंदरनगर) स्थित सीआरपीएफ की 106 रैपिड एक्शन फोर्स (रैफ) बटालियन में ऑडिट के नाम पर अवैध वसूली के खेल का सीबीआइ ने भंडाफोड़ किया है. केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआइ) रांची की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) ने रैफ की इंटरनल ऑडिट पार्टी (आईएपी) के सीनियर अकाउंटेंट सोनू कुमार को पटना से 14 हजार रुपये घूस लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया. आरोपित अकाउंटेंट जमशेदपुर के बागान पाड़ा (गम्हरिया, आदित्यपुर) स्थित पूजा कुंज निवासी रैफ हवलदार राकेश कुमार सिंह से रिश्वत वसूल रहा था.

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एचआरए रिकवरी दबाने के लिए मांगी थी घूस

जमशेदपुर के 106 रैफ में इन दिनों सीआरपीएफ की इंटरनल ऑडिट टीम द्वारा जांच की जा रही है. ऑडिट के दौरान सीनियर अकाउंटेंट सोनू कुमार ने हवलदार राकेश कुमार सिंह को बताया - उन्हें हाउस रेंट अलाउंस (एचआरए) के मद में 1 लाख 99 हजार 680 रुपये का अधिक भुगतान हो गया है. अकाउंटेंट ने यह डर दिखाया कि ऑडिट रिपोर्ट में इस आपत्ति का उल्लेख होते ही उनके वेतन से करीब दो लाख रुपये की रिकवरी शुरू हो जाएगी. इस रिकवरी को रिपोर्ट से हटाने और मामले को रफा-दफा करने के एवज में सोनू कुमार ने हवलदार से 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी.

सीनियर अधिकारी के फोन के बाद शुरू हुआ दबाव

हवलदार राकेश कुमार सिंह ने सीबीआइ को दी अपनी शिकायत में बताया - उनके सीनियर अधिकारी एएसआई बीके बेहूरा ने फोन कर जानकारी दी थी कि इंटरनल ऑडिट टीम का कर्मचारी सोनू कुमार उनसे बातचीत करना चाहता है. इसके बाद सोनू कुमार ने सीधे संपर्क कर रिकवरी का हवाला दिया और अनुचित लाभ की मांग शुरू कर दी. बातचीत के क्रम में सौदा 40 हजार रुपये में तय हुआ, जिसकी पहली किस्त के रूप में 14 हजार रुपये पटना में देने को कहा गया.

सत्यापन के बाद बिछाया गया जाल, पटना से दबोचा

हवलदार ने इसकी लिखित शिकायत सीबीआइ की रांची स्थित एसीबी शाखा से की. सीबीआइ के दारोगा विमल सिंह ने मामले की गोपनीय जांच व सत्यापन किया, जिसमें घूस मांगने का आरोप सही पाया गया. इसके बाद 16 सितंबर को विधिवत प्राथमिकी दर्ज की गई. सीबीआइ डीएसपी कुलदीप के नेतृत्व में टीम गठित कर पटना भेजी गई. जैसे ही सीनियर अकाउंटेंट सोनू कुमार ने पटना स्थित अपने ठिकाने पर हवलदार से घूस की पहली किस्त के 14 हजार रुपये हाथ में लिए, सीबीआइ टीम ने उसे धर दबोचा. सीबीआइ टीम आरोपित को ट्रांजिट रिमांड पर लेकर रांची ला रही है. एजेंसी जमशेदपुर स्थित रैफ कैंप में ऑडिट से जुड़े अन्य कर्मचारियों और संदिग्ध भूमिका की भी पड़ताल कर रही है.

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