भारी बारिश से पुलिया ध्वस्त, कई गांव मुख्यधारा से कटे, हजारों लोग प्रभावित

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बारिश से बह गई पुलिया.

भारी बारिश के कारण झाटीझरना जाने वाली मुख्य सड़क की पुलिया बह गई, जिससे कई गांव मुख्यधारा से कट गए हैं.

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गालूडीह : बंगाल सीमा से सटे घाटशिला प्रखंड की बीहड़ पंचायत झाटीझरना जाने वाली मुख्य सड़क में फूलझोर के पास पुलिया भारी बारिश से शुक्रवार रात ध्वस्त हो गयी. इससे झाटीझरना पंचायत के कई गांव मुख्यधारा से कट गये. इससे हजारों ग्रामीण प्रभावित हो गये हैं. ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ रोष जताते हुए कहा - कई वर्षों से फूलझोर पास की पुलिया जर्जर थी. पिछले साल बारिश में पुलिया धंसी थी. तब ग्रामीणों ने श्रमदान कर इसकी मरम्मत कर चलने लायक बनाया था. अब फिर पुलिया पूरी तरह से बह चुकी है. वाहन तो दूर पैदल पार होना भी मुश्किल हो गया है.

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कई गावों को जोड़ती है पुलिया

इसी पुलिया से पार होकर झाटीझरना, काशीडांगा, टेरापानी, भोमराडीह, बालीडीह, सिंदरीआम, सीताडांगा, केंदडांगा आदि गांव जाने का रास्ता है. उक्त सभी गांव प्रभावित हो गये हैं. वहीं, फूलझोर, कायराडीह, श्यामनेगी, भुमरू के ग्रामीण पंचायत मुख्यालय झाटीझरना भी नहीं जा सकते. हालांकि यहां के ग्रामीण बंगाल के द्वारसीनी के रास्ते गालूडीह और फिर घाटशिला जा सकते हैं. पर झाटीझरना पंचायत के अधिकांश गांव पुलिया के बह जाने से मुख्यधारा से कट चुके हैं. इसकी मरम्मत की पहल जल्द करनी जरूरी है.


विरोध जताते ग्रामीण.
विरोध जताते ग्रामीण.

झाटीझरना जाने के चार मार्ग, इसमें तीन बंद

झाटीझरना जाने का चार मार्ग है, जिसमें तीन मार्ग बंद हैं. एक मार्ग बंगाल के कुचिया-जुगीडीह होकर 70 किमी की दूरी तय करनी होगी तब यहां के ग्रामीण गालूडीह-घाटशिला पहुंच सकते हैं. झाटीझरना जाने का चार मार्ग है. इसमें तीन मार्ग बदहाल सड़क और पुलिया धंसने से बंद हो चुकी है. अब चौथा मार्ग बंगाल के कुचिया-जुगीडीह होकर झाटीझरना जाने का बचा है. अब गालूडीह-घाटशिला के करीब 70 किमी की दूरी तय करनी पड़ेगी. तब झाटीझरना के लोग गांव से बाहर निकल पायेंगे. इतना ही नहीं इस पंचायत के स्कूलों में जो शिक्षक हैं, उन्हें भी अब जुगीडीह होकर 70 किमी दूरी तय कर जाना होगा. साथ ही कोई उपाय नहीं है. सबसे अधिक परेशानी ग्रामीणों को हो रही है.

ये मार्ग हुए बंद, ग्रामीणों को हो रही परेशानी

1. फूलडुंगरी से बुरूडीह-बासाडेरा होते हुए झाटीझरना जाने वाले मुख्य मार्ग (25 किमी), पर आवागमन बंद हो गया.

2. हुलूंग-घोटीडूबा होते हुए झाटीझरना जाने का बीहड़ मार्ग है ( 35 किमी). यह भी बारिश में जर्जर होने के कारण दलदल में तब्दील हो गया. इससे आवागम ठप हो गया है.

3. गालूडीह से बंगाल के द्वारसिनी होते हुए फूलझोर के साथ झाटीझरना जाने के मार्ग (45 किमी) पर भी आवागमन बंद है.

4. गालूडीह से बंगाल के कुचिया-जुगीडीह होते हुए झाटीझरना जाने वाले मार्ग (70) किमी, से आवागमन हो रहा है. सड़क भी जर्जर है. इससे अब झाटीझरना जा सकते हैं, पर दूरी और समय दोनों अधिक खर्च होगा.

दो अगस्त को ही दरक गयी थी फूलझोर की पुलिया

दो अगस्त को ही फूलझोर की पुलिया दरक गयी थी. कई जगह मिट्टी और पुल पर बने कालीकरण सड़क की पिच धंस गयी थी. तब ग्रामीणों ने आवाज उठायी थी. पर किसी ने नहीं सुना. अब बीते रात मूसलाधार बारिश से पुलिया पूरी तरह से धंस गयी. इससे बड़ी आबादी प्रभावित हो गयी. फूलझोर के ग्राम प्रधान अरूण सोरेन, कीनाराम सोरेन, प्रधान हेंब्रम, सुकरा मुंडा, माधव मुंडा, लखींद्र मुंडा आदि ने कहा - फूलझोर, श्यामनेगी, भुमरू, कारयाडीह गांव के लोग तो अब पुल के धंसने से प्रखंड क्या अपने पंचायत मुख्यालय झाटीझरना भी नहीं जा सकते.

झाटीझरना में पदस्थापित शिक्षक समय पर स्कूल नहीं पहुंच पाये

पुल के धंसने से झाटीझरना पंचायत के विभिन्न गांवों में संचालित सरकारी स्कूलों के शिक्षक भी समय पर स्कूल नहीं पहुंच पाये. कई शिक्षक फंस गये. कई घूम कर बंगाल के जुगीडीह रास्ते से स्कूल किसी तरह देर से पहुंचे. झाटीझरना जाने के मुख्य मार्ग बदहाल होने के बाद से अधिकांश शिक्षक गालूडीह से द्वारसीनी होते हुए जाते थे. अब वह पुल धंसे से बंद हो गया. अब 70 किमी की दूरी तय कर जुगीडीह होकर जाना पड़ेगा.


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