सिंगापुर घूम चुके हैं ठगी के आरोपी महेश, केसरी और योगेश

Updated:
विज्ञापन

जमशेदपुर : साइबर ठगी के आरोप में पकड़ा गया महेश पोद्दार ठगी के रुपयों से सिंगापुर की सैर कर चुका है. वर्ष 2018 में महेश अपने साथी राहुल केसरी और योगेश शर्मा के साथ दो बार सिंगापुर मौज-मस्ती करने गया था. यह पुष्टि उसके पासपोर्ट की इंट्री से हुई है. महेश के छह बैंक अकाउंट […]

विज्ञापन

जमशेदपुर : साइबर ठगी के आरोप में पकड़ा गया महेश पोद्दार ठगी के रुपयों से सिंगापुर की सैर कर चुका है. वर्ष 2018 में महेश अपने साथी राहुल केसरी और योगेश शर्मा के साथ दो बार सिंगापुर मौज-मस्ती करने गया था.

आपके शहर में

विज्ञापन
यह पुष्टि उसके पासपोर्ट की इंट्री से हुई है. महेश के छह बैंक अकाउंट का पता साइबर पुलिस को लगा है. छह अकाउंट में वर्ष 2018 से 2019 के अंत तक 22 लाख का ट्रांजेक्शन हुआ है.
महेश चालाकी से रुपयों का ट्रांजेक्शन उन खातों में करवाता था, जो दूसरे साथियों के नाम पर थे. बिष्टुपुर पुलिस महेश पोद्दार को तीन दिनों के रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है. जिसमें कई सुराग मिले हैं. महेश ने प्रेमिका दीक्षा की संलिप्तता से इनकार किया है.
जांच व महेश से पूछताछ में आशीष कुमार ठाकुर नाम के युवक का नाम सामने आया है. आशीष भी गोविंदपुर क्षेत्र का ही रहने वाला है. जांच के दौरान पुलिस को आशीष के खाते से भी 18 लाख रुपये के ट्रांजेक्शन होने की जानकारी मिली है. पुलिस आशीष की तलाश कर रही है. महेश डिमना चौक स्थित एक कॉल सेंटर में काम करता था.
इस दौरान ही वह कस्टमर से बात करने और उसे झांसे में लेकर डिटेल निकालने का तरीका सीख चुका था. नौकरी छोड़ने के बाद वह ठगी के धंधे में उतरा. उसी कॉल सेंटर में काम से बैठाये युवकों को उसने गिरोह में शामिल किया.
उनमें गदड़ा का राहुल मिश्रा भी था जो वर्तमान में जेल में बंद है. महेश के अनुसार खेल का शातिर खिलाड़ी राहुल केसरी है. उसने उसे कई चीजें सिखायी है. महेश पुलिस को यह बताने का प्रयास करता रहा कि खेल का मास्टर माइंड राहुल केसरी ही है.
राहुल मिश्रा भी कॉल सेंटर में ही करता था काम
महेश के घर से बरामद लैपटॉप की जांच कर रहे साइबर एक्सपर्ट
करोड़ों की ठगी करने वाले महेश के छह खाते से महज 22 लाख का ट्रांजेक्शन
जांच में एक और खाते में 18 लाख के ट्रांजेक्शन का सामने आया मामला
हर माह 2 से 3 लाख गूगल को देते थे वेबसाइट का शुल्क
ठगी का धंधा चलाने के लिए फर्स्ट कार्ड डॉट कॉम नाम से वेबसाइट बना रखी थी. वेबसाइट को सर्च करने से इतनी कमाई होती थी कि उसमें से दाे से तीन लाख रुपये हर माह सर्च इंजन गूगल के खाते में जाता था. यह रकम कई बार पांच लाख तक रही है. गूगल को पे की गयी रकम से अंदाजा लगाया जा सकता है कि वेबसाइट को सर्च करने, उपयोग करने से कंपनी को कितने का लाभ होता था.
विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola