दोस्तों को वाट्सएप पर सुसाइड नोट भेज गोविंदपुर के विवेक नगर का युवक नरवा पुल से कूदा

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भाई के जाने के बाद अब मुझे जीने की इच्छा नहीं, मैं जा रहा हूं, मां मुझे माफ कर देना पांच दिन पूर्व बड़े भाई अजय कुमार की बीमारी से मौत के कारण तनाव में था सुधाकर, पिता की एक साल पहले हो चुकी है मौत जमशेदपुर : गोविंदपुर के विवेक नगर रोड नंबर दो […]

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भाई के जाने के बाद अब मुझे जीने की इच्छा नहीं, मैं जा रहा हूं, मां मुझे माफ कर देना

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पांच दिन पूर्व बड़े भाई अजय कुमार की बीमारी से मौत के कारण तनाव में था सुधाकर, पिता की एक साल पहले हो चुकी है मौत
जमशेदपुर : गोविंदपुर के विवेक नगर रोड नंबर दो के 26 वर्षीय सुधाकर कुमार ने मंगलवार को वाट्सएप पर सुसाइडल नोट लिखकर नरवा के गुर्रा नदी में कूद कर आत्महत्या कर ली. नरवा पुल पर पहुंचने के बाद उसने अपने करीबी दोस्तों को वाट्सएप पर सुसाइडल नोट भेजकर नदी में छलांग लगा दी.
मैसेज पढ़ दोस्त नरवा पुल पहुंचे, लेकिन तब तक उसने छलांग लगा दी थी. मछुआरों ने बताया कि एक युवक को कूदते हुए देखा था. पुल के ऊपर सुधाकर की बाइक खड़ी थी. इसके बाद दोस्तों ने जादूगोड़ा पुलिस को सूचना दी. डीएसपी पीतांबर सिंह खेरवाला पहुंचे और गोताखोर की मदद से शव को पानी से बाहर निकाला गया.
सुसाइड नोट पढ़ कर नरवा पहुंचे थे कई साथी : सुधाकर ने मोबाइल पर शाम पांच बजे सुसाइड नोट को 2009 मैट्रिक ग्रुप में डाला था. इस पर जब दोस्तों की नजर पड़ी, तब सभी नरवा पहुंचे, जहां पर उसकी नदी में डूबने से मौत हो गयी थी. शव को घाटशिला के पोस्टमार्टम हाउस में रखा गया है. बुधवार को अंतिम संस्कार होगा.
पांच दिन पहले बड़े भाई की हुई थी मौत : सुधाकर के बड़े भाई अजय कुमार की पांच दिन पहले बीमारी से मौत हुई थी. एक साल पहले पिता शंभु कामत की भी बीमारी से ही मौत हुई थी. परिवार के लोगों के मुताबिक भाई की मौत के बाद से वह पूरी तरह से टूट गया था.
रंजू मम्मी का ख्याल रखना : सुधाकर ने सुसाइड नोट में लिखा है कि मम्मी अगर रंजू के पास रहे तो ज्यादा अच्छा होगा. रंजू मम्मी का अच्छे से ख्याल रखना. उसको दुख हुआ, तो मेरी आत्मा को शांति नहीं मिलेगी. हो सके तो आप लोग मुझे माफ कर देना.
बॉर्डी पार्टस को डोनेट करने की बात कही : सुधाकर ने लिखा है कि मेरे मरने के बाद बॉर्डी पार्ट्स डोनेट डोनेट कर देना. बाकी को हर्ष (भतीजा) आग देगा. कोई कर्म करने की जरूरत नहीं है. हम नहीं मानते इन सब चीजों को.
कर्ज चुकाने के लिए कहा : नोट में उसने लिखा है कि आशीष का 18,000 रुपये कर्ज है. विकास और निशांत को 10,000 देना है. आलोक को तीन हजार देना है और रंजू को 48,000 देना है. बैंक ऑफ बड़ौदा में 1.80 लाख रुपये फिक्स किया हुआ है. उसमें से निकाल कर कर्ज चुकाने दिया जाये.
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