सिग्नल सिस्टम ठप होते ही थमे ट्रेनों के पहिये

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जमशेदपुर : गुरुवार की आधी रात के बाद सलगाझुड़ी- आसनबनी स्टेशन के पास ट्रेनों के पहिये अचानक थम गये. सिग्नल नहीं मिलने से ट्रेनें ट्रैक पर खड़ी हो गयीं. जांच करने पर पता चला कि सिग्नल नहीं मिल रहा है. आनन-फानन में सिग्नल विभाग के कर्मचारी मामले की जांच में जुटे, तो पता चला कि […]

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जमशेदपुर : गुरुवार की आधी रात के बाद सलगाझुड़ी- आसनबनी स्टेशन के पास ट्रेनों के पहिये अचानक थम गये. सिग्नल नहीं मिलने से ट्रेनें ट्रैक पर खड़ी हो गयीं. जांच करने पर पता चला कि सिग्नल नहीं मिल रहा है. आनन-फानन में सिग्नल विभाग के कर्मचारी मामले की जांच में जुटे, तो पता चला कि चोरों ने सिग्नल बॉक्स से 24 रिले की चोरी कर ली है. मामले की जानकारी मिलने पर टाटानगर आरपीएफ ओसी एमके सिंह, आउट पोस्ट प्रभारी विनीत कुंवर व सिग्नल विभाग के वरीय अधिकारी मौके पर पहुंचे. अब तक की जांच में कर्मियों की भूमिका संदिग्ध दिख रही है.

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11 बजे सामान्य हुआ परिचालन . रेलवे कर्मचारियों को तड़के सुबह 3:40 बजे सिग्नल नहीं मिलने की जानकारी हुई. मामले की जानकारी मिलते ही वरीय अधिकारी व आरपीएफ की टीम जुटी. इसके बाद सुबह 11 बजे इंजीनियर विभाग के अधिकारियों ने सिग्नल बॉक्स में रिले लगाया. इसके बाद हावड़ा- मुंबई रूट पर ट्रेनों का परिचालन सामान्य हुआ. इससे पूर्व ट्रेनों का परिचालन ऑटो सिग्नल के सहारे हुआ.

एक रिले की कीमत होती है चार हजार रुपये. रेल कर्मचारियों के अनुसार एक रिले की कीमत चार हजार रुपये है. अज्ञात चोरों ने 24 रिले को चुरा लिया. रिले का रोल ट्रेन परिचालन में महत्वपूर्ण होता है. इसके सहारे ही ट्रेन दौड़ती है. यदि ट्रेन रफ्तार से दौड़ रही हो और रिले चोरी कर अचानक सिग्नल ठप कर दिया जाये, तो ट्रेन हादसे का भी शिकार हो सकती है.

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