जमशेदपुर : प्रखंड कार्यालय के सामने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे पंचायत समिति सदस्य

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जमशेदपुर : पंचायत समिति सदस्य फंड देने की मांग को लेकर मंगलवार से जमशेदपुर प्रखंड कार्यालय के सामने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे गये हैं. पंसस का कहना है कि सरकार उन्हें जानबूझ कर नजर अंदाज कर रही है. इसलिए जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती है, तब तक क्रमिक रूप से उनका भूख […]

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जमशेदपुर : पंचायत समिति सदस्य फंड देने की मांग को लेकर मंगलवार से जमशेदपुर प्रखंड कार्यालय के सामने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे गये हैं. पंसस का कहना है कि सरकार उन्हें जानबूझ कर नजर अंदाज कर रही है. इसलिए जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती है, तब तक क्रमिक रूप से उनका भूख हड़ताल चलता रहेगा. इस दौरान पंसस ने केंद्र और राज्य सरकार को जनता विरोधी बताते हुए नारेबाजी भी की.

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प्रदर्शन पंचायत समिति अधिकार मंच के बैनर तले किया जा रहा है. मंच के संयोजक मंडली के सदस्य महेंद्र अलड़ा ने कहा कि पंसस को फंड देने की मांग को लेकर आंदोलन का आगाज किया गया है. कहा कि पंसस को फंड देना ही नहीं था, तो उनका चुनाव कराना ही नहीं चाहिए.
सरकार अविलंब पंसस की मांगों को पूरा करे अन्यथा आसन्न चुनाव में इसका खामियाजा पार्टी को भुगतान होगा. जिले में पंसस के बीच लंबे समय से फंड की मांग को लेकर सरकार के खिलाफ आक्रोश था.
आंदोलन को लंबा चलाने की बनायी रणनीति. अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर प्रथम दिन 10 पंचायत समिति सदस्य बैठे. आंदाेलन को लंबे समय तक खींचने के लिए पंसस ने यह रणनीति बनायी है. धरने पर बैठने वालों में विश्वजीत भगत, द्रौपदी मुंडा, प्रभा हांसदा, बबीता करुआ, कन्हाई करुआ, राजू पात्रो, अफजाल अख्तर, भीम मार्डी, बिरजू पात्रो एवं राजू बेसरा प्रमुख हैं.
भूख हड़ताल पर बैठे पंसस की स्वास्थ्य जांच की गयी. प्रखंड कार्यालय के सामने भूख हड़ताल पर बैठे पंचायत समिति सदस्यों की स्वास्थ्य जांच की गयी. मंगलवार 4 बजे स्वास्थ्य विभाग की टीम जांच करने पहुंची थी. भूख हड़ताल पर 10 पंचायत समिति सदस्य बैठे हुए हैं.
क्या है प्रमुख मांगें
पंसस व जिला परिषद सदस्य को विकास कार्य के लिए फंड िमले
सांसद व विधायक की तरह पंचायत प्रतिनिधियों को भी पेंशन समेत अन्य सुविधा दिया जाये
सभी पंचायत प्रतिनिधियों का सरकार बीमा कराये
पंचायत दिवस के दिन सभी पंचायत मंडप में पंचायत सचिव, मनरेगा कर्मी व राजस्व कर्मचारी को उपस्थित होना अनिवार्य किया जाये
बिना नियम व प्रावधान के पंचायत क्षेत्रों में बन रहे बहुमंजिला इमारतों के बनाने पर रोक लगायी जाये
पंचायत समिति की मासिक समीक्षा बैठक एवं प्रशासनिक बैठक में लिये गये निर्णय पर कार्रवाई को सुनिश्चित किया जाये.
पंचायत समिति सदस्य जायज मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं. झामुमो इसकी समर्थन करता है. केंद्र व राज्य सरकार पंचायत समिति सदस्यों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है. उनकी मांगों को अविलंब पूरा किया जाये, अन्यथा झामुमो पंचायत समिति सदस्य व आम जनता की सहयोग से उग्र आंदोलन को बाध्य होगा.
महावीर मुर्मू, केंद्रीय सदस्य, झामुमो
पूर्व की सरकार ने पंसस को भी फंड दिया था ,लेकिन वर्तमान भाजपा सरकार की कार्यकाल में ऐसी कौन सी मजबूरी हो गयी कि जनता द्वारा चुने हुए पंचायत प्रतिनिधि को भी फंंड उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है. यदि उन्हें फंड देना ही नहीं था, तो उनका चुनाव ही नहीं कराना चाहिए था.
भरत सिंह, जिला सचिव, कांग्रेस पार्टी
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