JSLPS की कैडर दीदियों का फूटा दर्द: ₹2000 में घर चलाना मुश्किल, अब CM से लगायेंगी गुहार
JSLPS महिला कर्मियों का हड़ताल : प्रतीकात्मक फोटो
जेएसएलपीएस की कैडर दीदियों ने मानदेय वृद्धि और बेहतर सुविधाओं के लिए उपायुक्तों को ज्ञापन सौंपा. जानिए क्या हैं उनकी प्रमुख मांगें और सरकार का रुख.
हजारीबाग. जेएसएलपीएस (झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी) की कैडर दीदियों ने मानदेय में बढ़ोतरी, नियमित भुगतान और दूसरी सुविधाओं की मांग को लेकर अलग-अलग जिलों के उपायुक्तों और प्रशासनिक अफसरों को एक ज्ञापन सौंपा. कैडर दीदियों का कहना था कि कम मानदेय में काम करना और घर-परिवार का खर्चा चलाना मुश्किल हो रहा है.
₹2000 मानदेय में बच्चों की फीस का खर्च निकालना मुश्किल
एक कैडर दीदी, जो अपने दो छोटे बच्चों की परवरिश भी कर रही हैं, ने बताया कि ₹2000 मानदेय में घर चलाना तो दूर, बच्चों की स्कूल की फीस और दवाइयों का खर्च निकालना भी मुश्किल हो जाता है. ऐसे में, वह कैसे हिम्मत से अपना काम करे, समझ नहीं आता. उन्होंने सरकार से अपनी मांगों पर जल्दी ही कोई अच्छा फ़ैसला लेने की अपील की.
विधायक अमित कुमार से मिलीं कैडर दीदियां
इस दौरान बरकट्ठा विधायक अमित कुमार ने जेएसएलपीएस की कैडर दीदियों से मुलाक़ात की. उन्होंने कहा कि मानदेय बढ़ाने का मामला राज्य सरकार के स्तर से ही तय होना है. इसलिए, उपायुक्त के बजाय सीधे मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी बात रखना ज़्यादा बेहतर होगा.
अब मुख्यमंत्री से मिलने की योजना
विधायक की सलाह पर, दीदियों ने मुख्यमंत्री से मिलने की योजना बनाई. दीदियों ने कहा कि अगर नियमित भुगतान और ठीक-ठाक वेतन मिलेगा, तो वे अपने कामों को और अच्छे से कर पाएंगी.
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कैडर दीदियों की प्रमुख मांगें
- हुनरमंद कैडर के लिए कम से कम 800 रुपये रोज़ और बिना हुनर वाले या ग्राम संगठन स्तर के कैडर के लिए कम से कम 500 रुपये रोज़ वेतन तय किया जाए.
- काम वाली जगह की दूरी के हिसाब से आने-जाने का ठीक-ठाक खर्चा.
- मोबाइल रिचार्ज के लिए हर महीने 350 रुपये.
- सभी एक्टिव कैडरों को बीमा की सुरक्षा.
बोलीं- ऐसा मानदेय मिले जिससे परिवार की बेहतर देखभाल कर सकें
दीदियों ने कहा कि नियमित भुगतान और ठीक-ठाक वेतन मिलने से वे अपनी रोज़मर्रा की ज़रूरतें पूरी कर सकेंगी, एक सामान्य जीवन जी सकेंगी और अपने परिवार की देखभाल बेहतर तरीके से कर सकेंगी.
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