30 घंटे ठप रही कोयला ढुलाई, फिर बनी सहमति... परिवार को मिला साढ़े 8 लाख का मुआवजा
ग्रामीणों से वार्ता करते पदाधिकारी : फोटो प्रभात खबर
चेपाकला में जंगल जा रहे ग्रामीण की मौत के बाद 30 घंटे तक कोयला ट्रांसपोर्टिंग सड़क जाम रही. प्रशासन और कंपनी के अधिकारियों की वार्ता के बाद ग्रामीण सहमत हुए. पीड़ित परिवार को मुआवजा और नौकरी का आश्वासन दिया गया.
बड़कागाव से संजय सागर की रिपोर्ट
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बड़कागांव. चेपाकलां स्थित ट्रांसपोर्टिंग सड़क जाम 30 घंटे बाद हटा. ज्ञात हो कि जंगल जा रहे ग्रामीण जयपाली महतो को चेपाकला स्थित त्रिवेणी सैनिक के एसएस बिल्डिंग के पास कोयला ट्रांसपोर्टिंग में लगे हाइवा ने कुचल दिया था. जिससे उसकी मौत घटना स्थल पर हो गई. घटना के विरोध में मृतक के परिजनों एवं ग्रामीणों ने शव को सड़क में रखकर शुक्रवार छह सुबह से ही सड़क जाम कर दिया था.
एसडीपीओ अमित आनंद के नेतृत्व में प्रखंड के प्रशासनिक अधिकारियों, एनटीपीसी एवं त्रिवेणी सैनिक के अधिकारियों ने ग्रामीणों से वार्ता कर सड़क जाम को हटाने की पहल की थी, लेकिन ग्रामीण अपने मांग पर अड़े रहे. ट्रांसपोर्टिंग रोड में सड़क जाम रहने के कारण कोयले का ट्रांसपोर्टिंग प्रभावित था. दूसरे दिन शनिवार को 11 बजे पूर्वाह्न में अंचलाधिकारी मनोज कुमार, बीडीओ जितेंद्र मंडल ने सड़क जाम करने वाले ग्रामीणों से वार्ता की.
वार्ता के दौरान डाड़ी ओपी प्रभारी सागेन मुर्मू, एनटीपीसी के एचआर अनिरुद्ध कुमार सिंह, एडी सिंह एवं ट्रांसपोर्टिंग कंपनी के राकेश तिवारी मौजूद थे. वार्ता में मृतक के परिवार को साढे आठ लाख रुपये मुआवजा, पब्लिक रोड बनाने एवं पीड़ित परिवार के दो सदस्यों को नौकरी दिये जाने की घोषणा की गई. नकद 50,000 पीड़ित परिवार को दिया गया. पुलिस को पोस्टमार्टम के लिए हजारीबाग भेज दिया. मौके पर मृतक के पुत्र नरेश कुमार, सुनील कुमार, मुखिया समेत अन्य ग्रामीण मौजूद थे.
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