दान में दी जमीन, खुल गये डिग्री व इंटर कॉलेज

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बरही : बरही में शिक्षा का अलख जगाने में सामाजिक प्रबुद्ध लोगों का अहम योगदान रहा है. जब स्थानीय लोगों ने यह महसूस किया कि बरही के बच्चे स्कूली शिक्षा के बाद आगे की पढ़ाई के लिए वंचित रह जा रहे हैं, जब लोगों ने यहां कॉलेज खोलने की बीड़ी उठायी. खास कर बालिका शिक्षा […]

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बरही : बरही में शिक्षा का अलख जगाने में सामाजिक प्रबुद्ध लोगों का अहम योगदान रहा है. जब स्थानीय लोगों ने यह महसूस किया कि बरही के बच्चे स्कूली शिक्षा के बाद आगे की पढ़ाई के लिए वंचित रह जा रहे हैं, जब लोगों ने यहां कॉलेज खोलने की बीड़ी उठायी. खास कर बालिका शिक्षा को आगे बढ़ाने के प्रति इनका अहम योगदान रहा.

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1980 में सामाजिक कार्यकर्ता अंबिका सिंह की पहल पर बरही एनएच डाकबंगला में बैठक हुई. उस बैठक में तब के विधायक निरंजन सिंह, डॉ केपी अग्रवाल, समाज के रामचंद्र चौरसिया, रामटहल साव, जावेद इस्लाम आदि ने कॉलेज खोलने का निर्णय लिया. इसके लिए कमेटी बनी. तब कमेटी में डॉ अग्रवाल अध्यक्ष व अंबिका सिंह सचिव बनाये गये.

1980 में किराये के मकान में शुरू हुआ था कॉलेज : 1980 में ईश्वरी साव के मकान को किराये में लिया गया, फिर इसमें कॉलेज की शुरुआत की गयी. बाद में कॉलेज के लिए जमीन की जरूरत महसूस की गयी. उस वक्त समाज के कई लोग सामने आये.
रामचंद्र चौरसिया ने ढाई एकड़ जमीन दान में दी. इसके अलावा ग्राम हरला के मुरारी गोप ने 75 डिसमिल व परमेश्वर यादव ने भी 75 डिसमिल दान में दी. उसके बाद उक्त जमीन पर कॉलेज का भवन खड़ा हुआ. तब कॉलेज का शिलान्यास देश भूतपूर्व केंद्रीय मंत्री राजा कर्ण सिंह व पूर्व सांसद शंकर दयाल सिंह ने 23 अप्रैल 1984 को किया था. बाद में और अधिक जमीन की जरूरत पड़ी, तो बरही बाजार के कपड़ा व्यवासायी राजेंद्र गुप्ता के पिता वासुदेव प्रसाद नोनियार ने भी 50 डिसमिल जमीन दी. रामचंद्र चौरसिया व महादेव प्रसाद नोनियार आज इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता.
बरही डिग्री कॉलेज खुला: मनारायण यादव मेमोरियल डिग्री कॉलेज की स्थापना वर्ष 1985 में हुई. यह कॉलेज भी पहले किराये के एक छोटे से मकान में शुरू हुआ. बाद में हरला निवासी परमेश्वर यादव ने कॉलेज के लिए 3 एकड़ 54 डिसमिल जमीन दान में दी. परमेश्वर यादव की शैक्षणिक योग्यता अधिक नहीं थी, लेकिन फिर भी उन्होंने शिक्षा को बढ़वा देने के लिए कदम उठाया. बाद में ग्राम पंचमाधव के रघुनंदन गोप, दासो महतो, बंधन महतो, पच्चू गोप ने भी पांच-पांच कठ्ठा जमीन दान दी.
आज इन दोनों कॉलेजों में बरही के साथ-साथ बरकट्ठा, चौपारण व पदमा प्रखंड के हजारों छात्र-छात्राएं पढ़ाई कर रहे हैं. बरही इंटर कॉलेज के प्राचार्य अरुण दुबे के अनुसार उनके यहां मौजूद सत्र में दो हजार विद्यार्थी हैं. वहीं डिग्री कॉलेज के दिनेश यादव ने बताया कि करीब चार हजार विद्यार्थी डिग्री कॉलेज में नामांकित हैं.
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