इचाक में सभी सुविधा, पर पशुओं का नहीं होता इलाज

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इचाक : प्रखंड मुख्यालय प्रांगण स्थित पशु चिकित्सालय में दो चिकित्सक कार्यरत हैं. डॉ सुषमा परिधिया भ्रमणशील पशु चिकित्सा पदाधिकारी के पद हैं. डॉ ढुलमू बिरुली प्रखंड पशुपालन पदाधिकारी के पद पर कार्यरत हैं. एक स्वास्थ्य कर्मी सरयू महतो कार्यरत है. पांच पशु मित्र के रूप में पारसनाथ यादव, विजय राम, मनोज राम , सुजीत […]

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इचाक : प्रखंड मुख्यालय प्रांगण स्थित पशु चिकित्सालय में दो चिकित्सक कार्यरत हैं. डॉ सुषमा परिधिया भ्रमणशील पशु चिकित्सा पदाधिकारी के पद हैं. डॉ ढुलमू बिरुली प्रखंड पशुपालन पदाधिकारी के पद पर कार्यरत हैं. एक स्वास्थ्य कर्मी सरयू महतो कार्यरत है. पांच पशु मित्र के रूप में पारसनाथ यादव, विजय राम, मनोज राम , सुजीत यादव एवं विक्रम कुमार हैं. शनिवार को दोनों चिकित्सक अनुपस्थित थे. डॉ सुषमा रांची में रहती हैं. वह विभागीय बैठक में सिर्फ भाग लेती हैं, फिर रांची चली जाती हैं.

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वह इचाक चिकित्सालय कभी-कभार सिर्फ उपस्थिति पंजी में हस्ताक्षर करने आती हैं. शिकायत करने पर कहती हैं कि मुझे इचाक में नहीं रहना. कोई हमारा ट्रांसफर करा दे. चिकित्सक क्षेत्र का भ्रमण नहीं करते. पशुपालक जब भी पशुओं को लेकर चिकित्सालय पहुंचते हैं, उन्हें निराश लौटना पड़ता है, जबकि अस्पताल मवेशियों की चिकित्सा की सारी व्यवस्था सरकार की ओर से की गयी है. ग्रामीणों की शिकायत पर उनके घर पशु मित्र ही जाते हैं और टाल- मटोल कर आपस चले आते हैं.

चिकित्सकों की लापरवाही के कारण पशुपालक सरकारी अस्पताल पर भरोसा करना ही छोड़ दिया है. चतुर्थवर्गीय कर्मचारी सरयू महतो के मुताबिक इचाक पशु चिकित्सालय में बकरियों के इलाज के लिए पीटीआर वैक्सीन एवं मवेशियों के खोरहा चपका बीमारी के लिए वैक्सीन उपलब्ध है.पशुओं का कृत्रिम गर्भाधान की व्यवस्था होने के बाबजूद पिछले दो माह के भीतर एक भी गाय या भैंस का कृत्रिम गर्भाधान अस्पताल में नहीं हुआ है.

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