इस वर्ष 2000 एफआइआर कंप्लेन में मात्र 15 आॅनलाइन

Published at :05 Sep 2017 12:22 PM (IST)
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इस वर्ष 2000 एफआइआर कंप्लेन में मात्र 15 आॅनलाइन

हजारीबाग: जिले के 21 थाना, तीन ओपी व तीन टीओपी में एफआइआर के लिए लोग ऑनलाइन कंप्लेन लोग नहीं कर रहे है. अभी भी लोग थाना में जाकर आवेदन देकर एफआइआर दर्ज कराने को प्राथमिकता देते है. नौ माह में जिले के थानों में 2000 से अधिक एफआइआर कंप्लेन दर्ज हुए हैं. इसमें ऑनलाइन मात्र […]

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हजारीबाग: जिले के 21 थाना, तीन ओपी व तीन टीओपी में एफआइआर के लिए लोग ऑनलाइन कंप्लेन लोग नहीं कर रहे है. अभी भी लोग थाना में जाकर आवेदन देकर एफआइआर दर्ज कराने को प्राथमिकता देते है. नौ माह में जिले के थानों में 2000 से अधिक एफआइआर कंप्लेन दर्ज हुए हैं. इसमें ऑनलाइन मात्र 15 मामले हैं. सूचना तकनीक के इस्तेमाल के क्षेत्र में हजारीबाग जिला काफी पिछड़ा हुआ है. शहरी क्षेत्र वाला थाना सदर, मुफ्फसिल में इस वर्ष एक भी ऑनलाइन कंप्लेन दर्ज नहीं हुआ है.

जबकि छह थानों में बीएसएनएल नेटवर्किंग व नेट की सुविधा फेल है. विष्णुगढ़, चुरचू, गोरहर, टाटीझरिया जैसे उग्रवाद प्रभावित थाना क्षेत्रों में ऑनलाइन सिस्टम पूरी तरह से फेल है. विष्णुगढ़ में सिस्टम पिछले चार माह से ठप है. बरही व सदर महिला थाना में ऑनलाइन सिस्टम की सुविधा बहाल नहीं हुई है.

शहर के तीन टीओपी बड़ा बाजार, लोहसिंघना व कोर्रा डीवीसी में प्रतिदिन सबसे अधिक विधि-व्यवस्था को लेकर मामले आते है. सभी संवेदनशील क्षेत्र इन थानों के अधीन है. लेकिन तीनों टीओपी सूचना तकनीक के क्षेत्र में पिछड़ा हुआ है. इन टीओपी में मामले दर्ज नहीं होते है. लेकिन इन क्षेत्रों के अधीन आनेवाले लोग शिकायत आवेदन टीओपी में देते है. इंटरनेट व ऑनलाइन की सुविधा इन टीओपी में अभी तक बहाल नहीं हुई है. यहीं हाल जिले के तीन ओपी का भी है. पेलावल, पदमा व उरीमारी ओपी में ऑनलाइन आवेदन व शिकायत लेने की सुविधा तक नहीं है. पदमा ओपी एनएच-33 पर, उरीमारी ओपी कोयलांचल क्षेत्र में व पेलावल ओपी शहर के सीमाने पर व संवेदनशील इलाकों के लिए बनाया गया है. इन ओपी में ऑनलाइन सुविधा की सख्त जरूरत है. लेकिन अभी तक यह सुविधा इन ओपी को नहीं मिल पायी है.

थाना में ऐसे करें ऑनलाइन कंप्लेन
वर्ष 2015 में ऑनलाइन कंप्लेन की सुविधा बहाल हुई. जेएचपुलिसडॉटगर्वडॉटइन खोलेंगे. इसमें जॉफ्स क्लिक करने पर हमें अपना आधार नंबर डालेंगे. वहां से ओटीपी मिलेगा. इसके बाद मैसेज संबंधी थाना को लिखेंगे. शिकायत दर्ज करने के बाद शिकायतकर्ता को मैसेज आयेगा कि इस शिकायत का अनुसंधानकर्ता कौन है. जांच होने के बाद कार्रवाई क्या होगी, इसकी जानकारी भी इस साइट से ली जायेगी.
एसपी अनूप बिरथरे ने कहा
जानकारी के अभाव में ऑनलाइन कंप्लेन थानों में कम दर्ज हो रहे है. पुलिस पब्लिक में सुधार आया है. लोग थानों में जाकर एफआइआर के लिए आवेदन दे रहे है. जिन थानों में नेट व सूचना तकनीक काम नहीं कर रहा है. इसके लिए बीएसएनएल के अधिकारियों से पत्राचार किया गया है.
क्या कहते है थानेदार: थाना प्रभारी कामेश्वर कुमार ने बताया कि थाना में ऑनलाइन प्राथमिकी दर्ज करने के लिए कंप्यूटर सेट ऑपरेटर उपलबध है. नेट की भी सुविधा है.
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