हंगामा देख भागने लगे मरीज

Published at :01 Mar 2017 8:28 AM (IST)
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हंगामा देख भागने लगे मरीज

हंगामा. विचाराधीन कैदी की मौत से अस्पताल का माहौल गरमाया गुमला : गुमला जेल के विचाराधीन कैदी इबरान खान की मौत से पांच घंटे तक सदर अस्पताल का माहौल गरम रहा. परिजन गुस्से में थे. पुलिस जवान अजय कुमार की लोगों ने पिटाई कर दी. कई पुलिसकर्मियों से लोग उलझ गये. अस्पताल पहुंचे जेलर अरुण […]

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हंगामा. विचाराधीन कैदी की मौत से अस्पताल का माहौल गरमाया
गुमला : गुमला जेल के विचाराधीन कैदी इबरान खान की मौत से पांच घंटे तक सदर अस्पताल का माहौल गरम रहा. परिजन गुस्से में थे. पुलिस जवान अजय कुमार की लोगों ने पिटाई कर दी. कई पुलिसकर्मियों से लोग उलझ गये. अस्पताल पहुंचे जेलर अरुण शर्मा को भागना पड़ा.
जेल के कर्मियों को अस्पताल में लोग पीटने के लिए खोज रहे थे. किसी प्रकार मामला को शांत कराया गया. एसडीओ केके राजहंस, कार्यपालक दंडाधिकारी अजय तिर्की व थाना प्रभारी राकेश कुमार ने लोगों से बात की. समझाया, तब मामला शांत हुआ. लेकिन जिस प्रकार का माहौल बना था, अस्पताल में भरती मरीज डरे हुए थे.
कई मरीज हंगामा व मारपीट देख कर अस्पताल से भागने लगे. जब मामला शांत हुआ, तो मरीज अपने अपने बेड पर आकर भरती हुए. अस्पताल के स्वास्थ्यकर्मी भी कुछ देर के लिए डरे हुए थे. मजिस्ट्रेट अजय तिर्की ने शव को देखा.
परिजनों से बात की. परिजनों ने जो कहा, उसे श्री तिर्की ने जांच रिपोर्ट में अंकित किया. पूरे घटनाक्रम की वीडियोग्राफी भी हो रही थी. शुरू में जब वीडियोग्राफी की गयी, तो मृतक इबरान के पीठ पर चोट के निशान मिले. मुंह से खून निकला भी है, लेकिन जब चिकित्सकों की टीम ने पोस्टमार्टम किया, तो पिटाई के निशान की बात से इनकार किया है. डॉक्टरों के अनुसार, पहले से कोई निशान था, जो ताजा पिटाई के निशान के जैसा लग रहा था. पोस्टमार्टम भी वीडियोग्राफी के साथ मजिस्ट्रेट एसडीओ केके राजहंस व कार्यपालक दंडाधिकारी अजय तिर्की के देखरेख में हुआ. जबतक शव अस्पताल में रहा, मामला गरम रहा. शव को ले जाने के बाद मामला शांत हुआ.
जेल प्रशासन पर केस करने की मांग
मृतक के बड़े भाई तौहिद खान ने जेल प्रशासन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के लिए थाना प्रभारी को आवेदन सौंपा है. आवेदन में उन्होंने कहा है कि जेल प्रशासन के कर्मी व अधिकारियों ने षडयंत्र के तहत इबरान की हत्या कर दी है. उसने कहा है कि सोमवार को कोर्ट में उसकी पेशी थी. मैं उससे जाकर मिला था. उस समय वह ठीक था, लेकिन अचानक देर शाम को उसकी मौत हो गयी. मंगलवार की सुबह को कुछ लोगों ने इबरान की मौत की सूचना दी. जेल प्रशासन इबरान की मौत को दबाने का प्रयास कर रहा था, इसलिए किसी प्रकार की सूचना नहीं दी. तौहिद ने थाना प्रभारी से मामले की निष्पक्ष जांच करते हुए कार्रवाई की मांग की है.
न्यायिक जांच कराने की मांग
अंजुमन इस्लामिया गुमला के सदर मोहम्मद इरशादखान व सचिव खुर्शीद आलम ने डीसी श्रवण साय को ज्ञापन सौंपा है. ज्ञापन में उन्होंने इबरान की मौत की न्यायिक जांच कराने की मांग की है.
सदर इरशाद खान ने कहा है कि सिसई निवासी इबरान खान, जो मुकदमा जीआर 152/17 में न्यायिक हिरासत में था और गुमला जेल में बंद था, 27 फरवरी की शाम को उसकी मौत हो गयी. इसकी निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई हो. इधर, मृतक के मौसा रजावल अंसारी, मामा इस्तियाक अंसारी, मुस्ताक, सैफुला, असलम अंसारी, शाहिद अंसारी ने कहा है कि इबरान 21 साल का युवक था, उसे कोई बीमारी नहीं थी. एक षडयंत्र के तहत उसे मारा गया है. अगर निष्पक्ष जांच हो, तो मौत का सही कारण सामने आयेगा. परिजनों का आरोप है कि जेलर ने इबरान को जेल में ठीक ढंग से रखने के लिए 10 हजार रुपये की मांग की थी.
डॉ मनोज सुरीन की रिपोर्ट
सोमवार को जब इबरान को भरती किया गया, तो डॉ मनोज सुरीन ने उसे देखा. 5.55 बजे उन्होंने जांच के बाद डेथ रिपोर्ट बनायी. जिसमें उन्होंने कहा है कि इबरान को मृत अवस्स्था में अस्पताल में लाया गया था. उसका नब्ज बंद था. ब्लड प्रेशर काम नहीं कर रहा था. धड़कन भी बंद था. इधर, पोस्टमार्टम तीन डॉक्टरों ने मिल कर किया. डॉक्टरों ने कहा कि पोस्टमार्टम के बाद तीनों डॉक्टर एक साथ बैठेंगे. रिपोर्ट देखने के बाद मंतव्य दिया जायेगा.
कैदी भूख हड़ताल पर बैठे रहे
इबरान की मौत से नाराज कैदी मंगलवार को दिनभर भूख हड़ताल पर जेल में ही बैठे रहे. मंगलवार को 70 कैदियों को पेशी के लिए कोर्ट लाया गया था. करीब 630 कैदी जेल में थे, जो भूख हड़ताल की. कैदियों ने कहा कि यहां बेवजह जेल प्रशासन द्वारा परेशान किया जाता है. ऐसे जेल अधीक्षक किशोर लकड़ा ने भूख हड़ताल की बात से इनकार किया है. उन्होंने प्रभात खबर को बताया कि कैदी भूख हड़ताल पर नहीं थे. कुछ लोगों ने बेवजह अफवाह उड़ायी है.
इबरान की मौत कैसे हुई, यह हम भी नहीं जानते. कोर्ट में पेशी के बाद जब वह जेल में आया, तो बेहोश हो गया. उसे अस्पताल भेजा, तो मौत हो गयी. थाने में यूडी केसी दर्ज करायेंगे. पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही इबरान की मौत का कारण पता चलेगा.
किशोर लकड़ा, जेल अधीक्षक, गुमला
इबरान की मौत कैसे हुई है, इसकी जानकारी नहीं है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही कुछ कह सकते हैं. जेल प्रशासन की ओर से यूडी केस दर्ज कराया गया है. परिजनों की लिखित शिकायत पर हत्या का केस दर्ज होगा.
राकेश कुमार, थाना प्रभारी, गुमला
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