फिर बीमार हुई 40 लड़कियां

Published at :31 Aug 2016 12:30 AM (IST)
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फिर बीमार हुई 40 लड़कियां

एडीपीओ व बीडब्ल्यूओ ने घटना की जानकारी ली मजदूर संघ झारखंड के प्रदेश अध्यक्ष ने जांच की मांग की घाघरा कस्तूरबा स्कूल की छात्राओं में अभी भी फूड प्वाइजनिंग का असर है. गुमला व घाघरा अस्पताल में दूसरे दिन भी कई लड़कियों को भरती कराया गया. डॉक्टरों ने जांच के बाद दवा दी. घाघरा(गुमला) : […]

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एडीपीओ व बीडब्ल्यूओ ने घटना की जानकारी ली
मजदूर संघ झारखंड के प्रदेश अध्यक्ष ने जांच की मांग की
घाघरा कस्तूरबा स्कूल की छात्राओं में अभी भी फूड प्वाइजनिंग का असर है. गुमला व घाघरा अस्पताल में दूसरे दिन भी कई लड़कियों को भरती कराया गया. डॉक्टरों ने जांच के बाद दवा दी.
घाघरा(गुमला) : घाघरा प्रखंड के कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय स्कूल की लड़कियों में अभी भी फूड प्वाइजनिंग का असर है. सोमवार रात को 40 से अधिक लड़कियों को पुन: गुमला सदर अस्पताल में भरती किया गया. इन लड़कियों को डॉक्टरों द्वारा जांच के बाद स्लाइन चढ़ाया गया है. मंगलवार की सुबह को घाघरा अस्पताल में 30 से अधिक लड़कियों को भरती कर इलाज किया गया. पहले से गुमला अस्पताल में 20 लड़कियों का इलाज चल रहा है.
इन लोगों की स्थिति खराब है. ऐसे डॉक्टरों की माने, तो स्लाइन चढ़ने व दवा देने के बाद स्थिति सामान्य है. मंगलवार को कई सामाजिक व राजनीति पार्टी के नेता अस्पताल पहुंच कर बीमार लड़कियों से मुलाकात कर हालचाल पूछा. मजदूर संघ झारखंड के प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार सिंह ने लड़कियों से मिलकर पूरी घटना की जानकारी ली. उन्होंने इस मामले में प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. एडीपीओ नलिनी रंजन व घाघरा के बीडब्ल्यूओ गणेश महतो ने अस्पताल जाकर लड़कियों को मिलनेवाली सुविधाअों की जानकारी ली.
अभिभावक 20 लड़कियों को घर ले गये
सड़ा हुआ ब्रेड खाकर लड़कियों के बीमार होने की जानकारी जैसे ही परिजनों को हुई, मंगलवार को कई परिजन घाघरा स्कूल पहुंचे. वे अपनी बच्चियों को अपने साथ घर ले गये. परिजनों ने अपनी बच्चियों को घर ले जाने से पहले वार्डन को आवेदन दिया है. इसमें कुछ दिनों की छुट्टी की बात कही गयी है.
फ्राइ चावल, दाल व चोखा मिला खाने को
मंगलवार को लड़कियों को शुद्ध भोजन खाने के लिए दिया गया. प्रभारी वार्डन पूनम कुमारी ने बताया कि सुबह में चावल फ्राइ और दोपहर में दाल, भात, आलू चोखा दिया गया. वार्डन ने बताया कि पहले से जो खाद्य सामग्री थी, उसको बदल दिया गया है. उसके स्थान पर चावल व अन्य खाद्य सामग्री के नये पैकेट मंगाये गये हैं.
फिर बीमार होनेवाली लड़कियों के नाम
सरोज, प्रीति, रीतु, कौशल्या, विलसो, देवंती, सीमा, संगीता, नाजिया, प्रिया, आरती, सुलेखा, लक्ष्मी, पुष्पा, सोनी, अमिषा, प्रमिला व सुजीता का इलाज घाघरा अस्पताल में किया गया.
सभी लड़कियों को शिक्षिका बबीता कुमारी ने अस्पताल में भरती कराया. डॉक्टर मनीषा व डॉ राजेश कुमार ने सभी का इलाज किया. वहीं, गुमला अस्पताल में असीमा, मालती, चितई, सीमा, दुर्गा लक्ष्मी, लक्ष्मी कुमारी, सरस्वती कुमारी, काजल कुमारी, बिरसमुनी, तारा, ममता व सुमती कुमारी को भरती कराया गया है.
24 घंटे में भी दोषी का पता नहीं
घटना के 24 घंटे हो गये है. 338 लड़कियों को सड़ा ब्रेड खाने को दिया गया थी. प्राथमिक जांच से स्पष्ट हो चुका है कि कस्तूरबा स्कूल में घटिया व मिलावटी खाद्य सामग्री की आपूर्ति हो रही है. प्रशासन यह तय नहीं कर सका है कि दोषी कौन है. गाैरतलब हो कि डीएसइ गनौरी मिस्त्री ने घटना के वक्त कहा था कि मैं खुद निष्पक्ष जांच कर 24 घंटे में कार्रवाई करूंगा. परंतु अब वह कह रहे हैं कि इसमें दोषी कौन है मुझे पता नहीं.
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