::: ओलावृष्टि से 50 गांवों में फसल बरबाद

Updated at :01 Nov 2015 6:16 PM
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::: ओलावृष्टि से 50 गांवों में फसल बरबाद

::: ओलावृष्टि से 50 गांवों में फसल बरबाद जनावल व छिछवानी पंचायत में सबसे ज्यादा असरकिसानों ने कहा : 20 हजार हेक्टेयर में धान बरबाद1 गुम 2 में बरबाद फसल को देखते किसान 1 गुम 3 में ब्लॉक परिसर में पहुंचे किसानप्रतिनिधि, चैनपुरघाघरा प्रखंड के बाद चैनपुर प्रखंड में भी ओलावृष्टि ने कहर बरपाया है. […]

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::: ओलावृष्टि से 50 गांवों में फसल बरबाद जनावल व छिछवानी पंचायत में सबसे ज्यादा असरकिसानों ने कहा : 20 हजार हेक्टेयर में धान बरबाद1 गुम 2 में बरबाद फसल को देखते किसान 1 गुम 3 में ब्लॉक परिसर में पहुंचे किसानप्रतिनिधि, चैनपुरघाघरा प्रखंड के बाद चैनपुर प्रखंड में भी ओलावृष्टि ने कहर बरपाया है. 50 गांवों के 20 हजार हेक्टेयर खेत में लगा खरीफ फसल बरबाद हो गया. सबसे ज्यादा धान की फसल को नुकसान पहुंचा है. किसानों की माने तो 15 से 20 करोड़ रुपये का फसल बरबाद हुआ है. सबसे ज्यादा असर जनावल व छिछवानी पंचायत में पड़ा है. इन दोनों पंचायत में तो एक भी खेत में फसल नहीं बचा. इस नुकसान से किसान चिंता में हैं. किसानों ने कहा है कि अगर मुआवजा नहीं मिला तो पंचायत चुनाव का बहिष्कार करेंगे.किसानों ने बीडीओ को सौंपा ज्ञापनओलावृष्टि से फसल बरबाद होने की सूचना पर मुखिया क्रेसेंसिया कुजूर व ग्रेग्रोरी लकड़ा प्रभावित गांव पहुंचे. क्षेत्र के किसानों से मिलकर समस्या से वाकिफ हुए. बरबाद फसल का अवलोकन किये. इसके बाद कई किसान प्रखंड मुख्यालय पहुंचे. बीडीओ कुमार बंधु कच्छप से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा है. जिसमें किसानों ने फसल नुकसान का मुआवजा देने की मांग किया है. फसल बरबाद अब पलायन करेंगे किसान सीप्रियन लकड़ा, थॉमस लकड़ा, निकोलस मिंज, विनय कुजूर, सिलबेरियुस लकड़ा, कोरनेलियुस लकड़ा, परिबा महतो, तेलेस्फोर कुजूर, जेम्स तिर्की ने कहा कि जनावल व छिछवानी पंचायत के लगभग 15 सौ किसान ओलावृष्टि से प्रभावित हुए हैं. किसानों ने कहा कि हमलोग साल में एक ही फसल पर आश्रित हैं. लेकिन जिस प्रकार ओलावृष्टि से फसल बरबाद हुआ है. अब मजबूरन पलायन के लिए विवश होना पड़ेगा. डीपाडीह, भुंडूटोली, जरहाटोली, जनावल, नवाटोली, बंडोटोली, गोरहटी, हेसाग महुआटोली, कराकू डाड़टोली सहित 50 गांव का फसल बरबाद हुआ है. आदिम जनजाति गांव भी प्रभावितओलावृष्टि से पाट क्षेत्र में रहने वाले आदिम जनजाति भी प्रभावित हुए हैं. बेसनापाट, घुंघरूपाट, लिगीरपाट, भडि़यापाट, ककरगपाट, चाकडीपा गांव में 20 एकड़ में लगा फसल बरबाद हुआ है. फागू असुर ने बताया कि जमा पूंजी खेतीबारी में लगा दिया. लेकिन पूरा फसल बरबाद हो गया. अब कैसे जीयेंगे. अगर मुआवजा नहीं मिला तो जीते जी मर जायेंगे.विधायक व सांसद को अवगत करायेभाजपा मंडल अध्यक्ष नीरज शर्मा व सांसद प्रतिनिधि प्रदीप केशरी ने कहा कि ओलावृष्टि से फसल को भारी नुकसान हुआ है. इसकी जानकारी विधायक व सांसद को दिया गया है. प्रयास किया जायेगा कि अंचल से जल्द क्षतिपूर्ति का रिपोर्ट सरकार के पास भेजकर मुआवजा व राहत कार्य शुरू कराया जायेगा.

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