दिनदहाड़े राजमिस्त्री हत्या कर उग्रवादियों ने पुलिस को दी चुनौती

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गुमला : गुमला प्रखंड के बरगांव बरवाटोली गांव के राजमिस्त्री सह ओझा माघी उरांव (60) की दिनदहाड़े गोली मार कर हत्या कर उग्रवादियों ने पुलिस को खुली चुनौती दी है. इस हत्या से पुलिस की पेट्रोलिंग पर भी सवाल खड़ा हो गया है. ग्रामीणों ने कहा है कि माघी की हत्या पुलिस की बहुत बड़ी […]

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गुमला : गुमला प्रखंड के बरगांव बरवाटोली गांव के राजमिस्त्री सह ओझा माघी उरांव (60) की दिनदहाड़े गोली मार कर हत्या कर उग्रवादियों ने पुलिस को खुली चुनौती दी है. इस हत्या से पुलिस की पेट्रोलिंग पर भी सवाल खड़ा हो गया है. ग्रामीणों ने कहा है कि माघी की हत्या पुलिस की बहुत बड़ी चूक है, क्योंकि उग्रवादियों ने दिनदहाड़े गोली मारी और भाग भी गये.

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जानकारी के अनुसार, माघी काम करने के लिए साइकिल से करीब नौ बजे गुमला की ओर निकला. उसी क्रम में उसके घर से करीब पांच किमी दूर स्थित टैसेरा मोड़ के समीप उग्रवादियों ने उसे रोका और माघी की कनपटी में गोली मार दी, जिससे घटना स्थल पर मौत हो गयी.

घटना को अंजाम देने के बाद उग्रवादी उर्मी ढलान टोली के रास्ते भाग निकले. घटना के बाद कुछ देर तक माघी का शव वहीं पड़ा रहा. घटना की सूचना पर स्थानीय ग्रामीण व मृतक के परिवार वाले सड़क पर उतर आये और 9.30 बजे सड़क जाम कर मुआवजे की मांग करने लगे. हत्या व सड़क जाम की सूचना पर सदर डीएसपी प्राण रंजन कुमार, थानेदार शंकर ठाकुर दल बल के साथ घटना स्थल पहुंच गये और जाम कर रहे लोगों से बातचीत की. घटना के तीन घंटे के बाद बीडीओ संध्या मुंडू व सीओ घटना स्थल पहुंचे. मृतक के परिजनों को सरकारी प्रक्रिया के तहत मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया.
हालांकि वहां उपस्थित अधिकारियों ने अपनी तरफ से मृतक के परिजनों को 61 सौ रुपये का सहयोग किया. इसके बाद शव को उठा कर गुमला सदर अस्पताल पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया. दिन के करीब 12:30 बजे जाम हटा लिया गया. तीन घंटा जाम रहने के कारण गुमला व पालकोट का मार्ग में करीब दो किमी दूर तक जाम हो गया था. सड़क जाम के दौरान 108-एंबुलेंस गुमला से पालकोट की ओर जा रही थी. इसी दौरान स्थानीय लोगों ने एंबुलेंस को भी रोक दिया.
ओझागुणी हो सकता है कारण : जिस प्रकार से ग्रामीण बता रहे हैं कि माघी उरांव राजमिस्त्री के अलावा ओझागुणी का भी काम करता था. जब भी कोई माघी के पास झाड़ फूंक कराने आता तो, वह उसके साथ जाकर झाड़ फूंक करता था. इधर, हत्या की सूचना मिलने पर माघी उरांव की पत्नी पत्नी पुनिया देवी घटनास्थल पर पहुंच गयी. वह रोती हुई कहने लगी कि मेरे पति ने किसी का क्या बिगाड़ा था, जो उसे मार दिया. अब मेरी जिंदगी उजड़ गयी है.
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