कोयल नदी खोद कर गुमला की बुझायी जा रही प्यास
Author Prabhat khabar digital desk
Updated:
विज्ञापन

गुमला : गुमला से 15 किमी दूर स्थित नागफेनी से बहने वाली दक्षिणी कोयल नदी सूख चुकी है. कहीं-कहीं कुछ पानी जमा है, तो वह अनुपयोगी है. नागफेनी जलापूर्ति केंद्र से बड़ी मुश्किल से शहर को पानी सप्लाई की जा रही है. 41 डिग्री सेल्सियस तापमान में सूख चुकी कोयल नदी को खोद कर गुमला […]
विज्ञापन
गुमला : गुमला से 15 किमी दूर स्थित नागफेनी से बहने वाली दक्षिणी कोयल नदी सूख चुकी है. कहीं-कहीं कुछ पानी जमा है, तो वह अनुपयोगी है. नागफेनी जलापूर्ति केंद्र से बड़ी मुश्किल से शहर को पानी सप्लाई की जा रही है. 41 डिग्री सेल्सियस तापमान में सूख चुकी कोयल नदी को खोद कर गुमला के लोगों की प्यास बुझायी जा रही है. मंगलवार को नगर परिषद के अध्यक्ष दीपनारायण उरांव, पीएचइडी के अधिकारी, नगर परिषद के अधिकारी व संवेदक कुमार संदीप ने नागफेनी जलापूर्ति केंद्र का निरीक्षण किया.
निरीक्षण में मिला कि नदी सूख चुकी है. इंटक वेल में भी बालू जमा हो गया है, जिससे कम मात्रा में शहर को नागफेनी नदी से पानी मिल रहा है. यही वजह है कि सुबह-शाम मात्र आधा घंटा या तो एक घंटा पानी आपूर्ति की जा रही है. इस समस्या को देखते हुए कोयल नदी के बालू को खोद कर गहरा किया जा रहा है. साथ ही नदी में जहां भी पानी जमा है, उसे रास्ता देकर इंटक वेल में डाला जा रहा है.
जिससे पानी को रिफाइन कर शहर में आपूर्ति की जा रही है. नगर परिषद अध्यक्ष ने कहा कि इंटक वेल में बालू जमा हो गया है. उसे साफ करने का काम तेजी से चल रहा है. वहां मैंने देखा. नदी की स्थिति खराब है. हर वर्ष नदी सूख जाती है. मेरा मानना है कि अगर शहर को समुचित मात्रा में पानी सप्लाई करनी है, तो नागफेनी के अलावा कोई दूसरा विकल्प तलाशना होगा.
हालांकि उन्होंने कहा कि जहां भी पानी की किल्लत की सूचना मिल रही है, वहां टैंकर से पानी आपूर्ति करायी जा रही है. साथ ही शहर के खराब चापानलों की भी मरम्मत का कार्य हो रहा है. कुछ इलाकों में पाइप बिछा हुआ है, लेकिन वहां पानी नहीं पहुंच रहा है. इसका मुख्य कारण शहर में जलमीनार की कमी है. शहर में जैसे ही नये जलमीनार चालू होगी, काफी हद तक पानी की समस्या को दूर करने में सफल होंगे.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










