गुमला में महिलाएं बनायेंगी चप्पल, खुद बाजार में बेचेंगी

Published at :16 May 2018 4:43 AM (IST)
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गुमला में महिलाएं बनायेंगी चप्पल, खुद बाजार में बेचेंगी

गुमला : झारखंड राज्य के दुमका व पाकुड़ जिला के बाद अब गुमला जिले में भी चप्पल का निर्माण होगा. यह चप्पल गुमला की महिलाएं बनायेंगी. इसके लिए प्रशासन ने पहल शुरू कर दी है. बहुत जल्द गुमला व घाघरा सहित दूसरे प्रखंड के बाजारों में गुमला की महिलाओं द्वारा निर्मित चप्पल की बिक्री होती […]

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गुमला : झारखंड राज्य के दुमका व पाकुड़ जिला के बाद अब गुमला जिले में भी चप्पल का निर्माण होगा. यह चप्पल गुमला की महिलाएं बनायेंगी. इसके लिए प्रशासन ने पहल शुरू कर दी है. बहुत जल्द गुमला व घाघरा सहित दूसरे प्रखंड के बाजारों में गुमला की महिलाओं द्वारा निर्मित चप्पल की बिक्री होती नजर आयेगी. गुमला प्रशासन महिलाओं के हुनर को पंख देने के लिए जल्द चप्पल बनाने का प्रशिक्षण देने की व्यवस्था करने जा रहा है. चप्पल कैसे मजबूत बनेगा, इसके लिए विशेष प्रशिक्षक गुमला आयेंगे, जो महिलाओं को चप्पल बनाने का प्रशिक्षण देंगे.

मशीन व मेटेरियल प्रशासन उपलब्ध करायेगा
गुमला जिले में कार्यरत सैकड़ों महिला मंडल के सदस्यों में से 20 चयनित महिला सदस्यों को गुमला जिला प्रशासन चप्पल निर्माण के लिए दो माह का प्रशिक्षण देगा. इसके साथ ही चप्पल बनाने में प्रशिक्षित करेगा. साथ ही गुमला जिला मुख्यालय या अन्य प्रखंड मुख्यालय में दुकान का आवंटन कर उन्हें व्यापार के लिए प्रेरित भी किया जायेगा. प्रथम चरण में जिला की चयनित 20 महिलाओं को जेएसएलपीएस के सहयोग से जिला मुख्यालय में ही दो माह का गैर आवासीय प्रशिक्षण देने का कार्य प्रारंभ कराया जायेगा. इस प्रशिक्षण में उपयोग में लायी जानी वाली मशीनों व मैटेरियलस की भी व्यवस्था जिला प्रशासन द्वारा किया गया है. प्रशिक्षण स्थल के रूप में कला संस्कृति भवन पुग्गू या किसी अन्य सुरक्षित भवन के चयन की प्रक्रिया प्रारंभ है.
महिलाओं के हुनर को मिलेगी पंख
गुमला राज्य का तीसरा जिला, जहां चप्पल बनेगा
दो माह के प्रशिक्षण के उपरांत प्रशिक्षित महिलाओं को गुमला जिला मुख्यालय के थाना रोड स्थित भवन व घाघरा प्रखंड मुख्यालय स्थित जिला परिषद द्वारा निर्मित दुकानों में दुकान का आवंटन कर उन्हें व्यापार के लिए प्रेरित किया जायेगा. इस संबंध में उपायुक्त श्रवण साय ने उपविकास आयुक्त नागेंद्र कुमार सिन्हा व जेएसएलपीएस की मनीषा सांचा को मंगलवार को आवश्यक दिशा निर्देश जारी किया है. डीसी ने बताया कि गुमला जिला से पूर्व झारखंड में सिर्फ दुमका व पाकुड़ जिला में महिलाओं को चप्पल निर्माण का प्रशिक्षण देकर न सिर्फ उन्हें प्रशिक्षित किया गया है, बल्कि उन्हें वहां चप्पल निर्माण उद्योग के साथ-साथ उसकी आपूर्ति के लिए भी मदद की जा रही है. गुमला जिला झारखंड का तीसरा जिला होगा, जहां महिला मंडल की सदस्यों को चप्पल निर्माण व उसके व्यापार के लिए जिला प्रशासन ने कारगर कदम उठाया है.
1985 में बंद हो गया था कारखाना
गुमला शहर से सटे सिसई रोड पुग्गू के समीप 1983 में चमड़ा गोदाम खुला था, जहां स्थानीय आदिवासी समुदाय के लोग चप्पल, जूता, बेल्ट व बैग सहित अन्य सामग्री बनाते थे. इन सामग्रियों की बिक्री गुमला में बड़े पैमाने पर होती थी. लेकिन स्थानीय विधायक व सांसद की अनदेखी के कारण वर्ष 1985 में चमड़ा गोदाम बंद हो गया. इसके बाद यह नहीं खुला. आज गोदाम भी खत्म हो गया. लाखों रुपये की मशीन भी खराब हो गयी. इधर, 1985 के बाद पहली बार गुमला डीसी श्रवण साय व डीडीसी नागेंद्र कुमार सिन्हा अपने स्तर से पहल कर महिलाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए चप्पल निर्माण कराने की दिशा में सार्थक कदम उठाया है.
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