राजमहल परियोजना पहुंचे कोल इंडिया चेयरमैन, खनन-उत्पादन और सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा
खदान का निरीक्षण करते निदेशक | Prabhat Khabar Network
कोल इंडिया के चेयरमैन बी. साईराम ने राजमहल कोल परियोजना का दौरा किया, जहां उन्होंने खनन, उत्पादन और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया. उन्होंने निजी कंपनी मोंटे कार्लो के काम की सराहना की और परियोजना के महत्व पर जोर दिया.
प्रतिनिधि, बोआरीजोर. राजमहल कोल परियोजना के अधीन हुर्रासी कोयला खनन क्षेत्र, ओसीपी कार्यालय एवं सीएचपी कार्यालय का शुक्रवार को कोल इंडिया के चेयरमैन बी. साईराम, इसीएल के सीएमडी सतीश झा एवं निदेशक तकनीकी चितरंजन कुमार ने निरीक्षण किया. इस दौरान अधिकारियों ने खनन, उत्पादन, डिस्पैच और सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी ली. कोल इंडिया के चेयरमैन बी. साईराम ने कहा कि राजमहल परियोजना प्रत्येक वर्ष कोयला उत्पादन और डिस्पैच के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाकर कोल इंडिया में अपना नाम रोशन कर रही है. उन्होंने विश्वास जताया कि वर्तमान वित्तीय वर्ष में भी परियोजना निर्धारित लक्ष्य को पूरा करेगी.

मोंटे कार्लो के काम की चेयरमैन ने की सराहना
चेयरमैन ने हुर्रासी खनन क्षेत्र का बारीकी से निरीक्षण किया. उन्होंने कहा कि यहां कार्यरत निजी कंपनी मोंटे कार्लो प्रत्येक वर्ष उत्पादन लक्ष्य पूरा कर रही है. उन्होंने कंपनी प्रबंधन को इसके लिए बधाई दी. इस दौरान चेयरमैन ने हुर्रासी क्षेत्र तथा ऊर्जा नगर मौसीबाड़ी में पौधारोपण भी किया.
उत्पादन के साथ खनन सुरक्षा पर दिया जोर
बी. साईराम ने कहा कि उत्पादन और डिस्पैच के साथ खनन क्षेत्र में सुरक्षा भी अत्यंत आवश्यक है. उन्होंने कहा कि जो कंपनी शून्य दुर्घटना के साथ खनन कार्य करती है, वही बेहतर मानी जाती है. राजमहल परियोजना लगातार कई वर्षों से शून्य दुर्घटना के साथ उत्पादन कर रही है, जिसके लिए उसे कई पुरस्कार भी मिल चुके हैं. उन्होंने कहा कि ईसीएल का अधिकांश उत्पादन राजमहल परियोजना पर निर्भर है. क्षेत्रीय महाप्रबंधक के मार्गदर्शन में परियोजना लगातार प्रगति कर रही है और नई ऊंचाइयां हासिल कर रही है.
प्रभावित ग्रामीणों से नहीं मिलने पर रैयतों में निराशा
चेयरमैन और सीएमडी के आगमन पर क्षेत्र के रैयतों में खुशी देखी गई, लेकिन प्रभावित ग्रामीणों से मुलाकात नहीं होने पर उनमें निराशा भी नजर आयी. ग्रामीण अरुण साह ने बताया कि ललमटिया चौकी सड़क की स्थिति काफी जर्जर है और जगह-जगह दो से तीन फीट तक गहरे गड्ढे हैं. उन्होंने क्षेत्र में पेयजल एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं के अभाव की भी जानकारी दी.
सड़क, पेयजल और मूलभूत सुविधाओं की मांग
ग्रामीणों ने परियोजना प्रबंधन से सड़क की मरम्मत कराने, पेयजल की व्यवस्था करने तथा प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की. मौके पर महाप्रबंधक परिचालन ओपी चौधरी, जीके सिंह, आरके सिंह, ललन कुमार, प्रणव कुमार, मोहनलाल कुमावत, दिलीप माली, अश्वनी कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे.
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